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सोनम वांगचुक का अनशन जारी, पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनशन जारी है, जो शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और शिक्षा सुधारों की मांग को लेकर है। प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर मार्च करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने बल प्रयोग किया। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने वांगचुक के अनशन पर चिंता जताई है, यह कहते हुए कि उनकी सेहत को खतरा है। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया है और वांगचुक ने क्यों अपना अनशन जारी रखने का निर्णय लिया।
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सोनम वांगचुक का अनशन जारी

सोनम वांगचुक का अनशन जारी: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और शिक्षा में सुधार की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी और विभिन्न छात्रों ने सोमवार को संसद की ओर मार्च करने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बल का प्रयोग किया और आंसू गैस के गोले छोड़े, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी जगह पर डटे रहे। आज (मंगलवार) को भी प्रदर्शनकारी एक बार फिर संसद की ओर मार्च करेंगे। इस बीच, सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन पर महत्वपूर्ण टिप्पणी की है।

दिपके ने जंतर-मंतर पर संवाददाताओं से कहा, “कल सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया था। हमने उन्हें बहुत मुश्किल से राजी किया था। उनका अनशन 23वें दिन था। हमने उनसे कहा था कि कृपया अपना अनशन तोड़ दें, क्योंकि हम आपकी सेहत को लेकर चिंतित हैं। वह मान गए थे, लेकिन कल पुलिस की बर्बरता को देखकर उन्होंने अपना अनशन जारी रखने का निर्णय लिया है। यह एक गंभीर स्थिति है।”

दिपके ने आगे कहा, “उनके डॉक्टर और पत्नी से मेरी बातचीत हुई थी कि उनका शरीर केवल 20-21 दिन का अनशन सहन कर सकता है। जब वह यहां थे, उनका वजन घट रहा था और डॉक्टर ने चेतावनी दी थी कि तीन-चार दिन में उनके अंगों को नुकसान हो सकता है। सोनम सर का यह निर्णय गलत है, हम नहीं चाहते थे कि वह ऐसा करें। यह दुखद है कि उन्हें अपना अनशन बढ़ाना पड़ा है। उन्होंने कहा कि पुलिस की बर्बरता को देखते हुए, जो उन्होंने बच्चों पर अत्याचार किया और उन पर लाठियां चलाईं, उसे देखकर वह अपना अनशन जारी रखेंगे।”