Newzfatafatlogo

सोनम वांगचुक का अस्पताल से डिस्चार्ज, अनशन तोड़ने पर दी सफाई

सामाजिक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को मेदांता अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। उन्होंने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। अनशन तोड़ने के अपने निर्णय पर उन्होंने कहा कि यह लद्दाख में विजय का प्रतीक है। वांगचुक ने बताया कि बड़े नेताओं के हाथ से अनशन समाप्त करना एक सम्मान की बात होती है। उनकी इस प्रतिक्रिया ने सोशल मीडिया पर भी चर्चा को जन्म दिया है।
 | 

सोनम वांगचुक का अस्पताल से छुट्टी


सामाजिक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक, जो पिछले कुछ दिनों से मेदांता अस्पताल में भर्ती थे, को सोमवार को डिस्चार्ज कर दिया गया। अस्पताल से बाहर आते ही, उन्होंने अपनी पत्नी डॉ. गीतांजलि के साथ राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की।


अनशन तोड़ने पर वांगचुक की प्रतिक्रिया

जब वांगचुक से पूछा गया कि उन्होंने सरकार के प्रतिनिधि जेपी नड्डा के हाथ से सूप पीकर अनशन क्यों समाप्त किया, तो उन्होंने उत्तर दिया कि यह लद्दाख में विजय का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने बताया कि लद्दाख में कई आंदोलनों के दौरान, बड़े नेताओं के हाथ से अनशन तोड़ना एक सम्मान की बात होती है।


वांगचुक ने कहा कि जब आंदोलन सफल नहीं होता, तो हम अनशन को किसी छोटी बच्ची या बुजुर्ग महिला के हाथ से समाप्त करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लद्दाख और लेह में उनके अनशन के दौरान ऐसा ही हुआ था, और यह एक सांस्कृतिक अंतर को दर्शाता है।


सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया