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सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल पर पुलिस कार्रवाई की विपक्ष ने की निंदा

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल पर पुलिस की कार्रवाई ने विपक्षी नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया को जन्म दिया है। राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल और उद्धव ठाकरे ने इस घटना की निंदा की है। गांधी ने इसे मोदी सरकार की असत्य और हिंसा का प्रतीक बताया, जबकि केजरीवाल ने लोगों से जंतर मंतर पहुंचने की अपील की। ठाकरे ने सरकार पर युवाओं की आवाज सुनने में असफल रहने का आरोप लगाया। इस बीच, अन्ना हजारे और मनु भाकर ने भी वांगचुक का समर्थन किया।
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विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रिया


नई दिल्ली। प्रतियोगिता परीक्षाओं में पेपर लीक और छात्रों की समस्याओं के खिलाफ भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जंतर मंतर से हटाने के लिए पुलिस की कार्रवाई की विपक्ष ने कड़ी आलोचना की है। इस घटना पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अपनी निंदा व्यक्त की।


राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'मोदी सरकार का मूल सिद्धांत असत्य और हिंसा है। सोनम वांगचुक को शांतिपूर्ण भूख हड़ताल के दौरान हटाना गलत है।' उन्होंने आगे कहा कि पेपर लीक, शिक्षा की बढ़ती लागत और छात्रों की आत्महत्याएं भारत के भविष्य के लिए गंभीर मुद्दे हैं।


आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने लोगों से जंतर मंतर पहुंचने की अपील की। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए अनशन पर थे, लेकिन सरकार ने बातचीत के बजाय बल प्रयोग का सहारा लिया। केजरीवाल ने चेतावनी दी कि अगर आज देश एकजुट नहीं हुआ, तो कल बहुत देर हो जाएगी।


उद्धव ठाकरे ने भी केंद्र सरकार की आलोचना की और कहा कि सरकार को विरोध कर रहे युवाओं से संवाद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह शर्मनाक है कि वांगचुक को हटाया गया, जबकि कई युवा भूख हड़ताल पर हैं।


सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने वांगचुक का समर्थन किया और कहा कि सरकार को किसी दुखद परिणाम का इंतजार नहीं करना चाहिए। भारत की अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज मनु भाकर ने भी वांगचुक के अनशन का समर्थन किया और शिक्षा में सुधार की मांग की।