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सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल में नया मोड़: दो शर्तों के साथ जारी रखा अनशन

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल अब 24वें दिन में प्रवेश कर गई है। उन्होंने दो नई शर्तों के साथ अनशन जारी रखने का निर्णय लिया है। वांगचुक ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग नहीं की, बल्कि उनकी जवाबदेही तय करने की उम्मीद जताई है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने उन्हें सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित करने का आदेश दिया है। जानें इस मामले में और क्या हो रहा है।
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नई दिल्ली में भूख हड़ताल का 24वां दिन


नई दिल्ली: देश की प्रमुख मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट' (NEET) में धांधली और पेपर लीक के आरोपों के चलते सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल मंगलवार को 24वें दिन में प्रवेश कर गई। 28 जून से अनशन पर बैठे वांगचुक ने सोमवार को अचानक अपने रुख में बदलाव किया। दोपहर तक उनके अनशन समाप्त करने की अटकलें थीं, लेकिन शाम होते-होते उन्होंने दो नई शर्तों के साथ अपनी भूख हड़ताल जारी रखने का ऐलान किया।


नई शर्तें सामने आईं

इससे पहले कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के 'संसद चलो मार्च' के बाद अनशन समाप्त करने की संभावना जताई जा रही थी। हालांकि, दिल्ली पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारी युवाओं पर की गई कथित सख्ती के विरोध में वांगचुक ने अपना फैसला बदल दिया। सफदरजंग अस्पताल से जारी एक पत्र में उन्होंने स्पष्ट किया कि वे तब तक अन्न ग्रहण नहीं करेंगे, जब तक उनकी दो शर्तों में से कम से कम एक पूरी नहीं हो जाती:


  • सीजेपी के युवा प्रतिनिधिमंडल को संसद भवन के भीतर सांसदों से मिलने की अनुमति दी जाए।
  • या उन्हें अस्पताल में ही इन युवा नेताओं से मुलाकात करने का अवसर प्रदान किया जाए।


शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग नहीं

वांगचुक ने इस बार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के सीधे इस्तीफे की मांग नहीं की है, बल्कि केवल सरकार से शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करने की उम्मीद जताई है। उनके इस रुख को रणनीति में बदलाव और नरमी के रूप में देखा जा रहा है।


मेदांता अस्पताल में भर्ती

इस बीच, सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य और बेहतर इलाज को लेकर दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण आदेश पारित किया है। मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो की याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल स्थानांतरित करने का निर्देश दिया।


मेडिकल टीम को निर्देश

सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को सूचित किया कि केंद्र सरकार को मेदांता शिफ्ट करने पर कोई आपत्ति नहीं है। हाईकोर्ट ने मेदांता अस्पताल के निदेशक को विशेषज्ञों की एक समर्पित मेडिकल टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही अदालत ने स्पष्ट किया है कि मरीज को डॉक्टरों के इलाज संबंधी प्रोटोकॉल का पालन करना होगा और उनकी पत्नी गीतांजलि को उनसे किसी भी समय मिलने की पूर्ण स्वतंत्रता होगी।