सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल समाप्त, महुआ मोइत्रा ने दी प्रतिक्रिया
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का अंत
नई दिल्ली: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों तक चले अपने अनशन को समाप्त कर दिया है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ बातचीत के बाद यह निर्णय लिया। इस दौरान, जेपी नड्डा उन्हें लिक्विड पिलाते हुए नजर आए, और यह दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया, जिसके बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आईं। तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने इस घटनाक्रम पर अपनी राय व्यक्त की।
महुआ मोइत्रा की प्रतिक्रिया
महुआ मोइत्रा ने वांगचुक के अनशन समाप्त करने पर खुशी जताई, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि आंदोलन की नैतिक बढ़त को बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने सरकार की किसी भी रणनीति का हिस्सा बनने से बचने की सलाह दी और आंदोलन की मूल भावना को बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
महुआ मोइत्रा का सोशल मीडिया पर बयान
महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि अनशन खत्म करना जरूरी था, लेकिन इसे किसी और के हाथ से भी किया जा सकता था। उन्होंने कहा, 'ऑप्टिक्स नाम की भी कोई चीज होती है।' उनके अनुसार, सार्वजनिक संदेश और तस्वीरें किसी बड़े आंदोलन की धार को प्रभावित कर सकती हैं। उन्होंने वांगचुक के जल्द स्वस्थ होने की कामना की और उन्हें आराम करने की सलाह दी।
Todna hi thaa toh kisi aur ke haath se tod leteh sir … optics naam ki bhi kuch hoti hai… :-) pic.twitter.com/v5dvZS9RaS
— Mahua Moitra (@MahuaMoitra) July 24, 2026
सरकार के प्रति सतर्क रहने की सलाह
महुआ मोइत्रा ने कहा कि वह सोनम वांगचुक का सम्मान करती हैं, लेकिन उन्हें सरकार के जाल में नहीं फंसना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि 26 दिनों के अनशन से जो नैतिक बढ़त मिली है, उसे कमजोर नहीं होने देना चाहिए। उनके अनुसार, यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति से कहीं बड़ा है और इसकी दिशा और उद्देश्य को बनाए रखना आवश्यक है।
सरकार की रणनीति पर सवाल
महुआ मोइत्रा ने केंद्र सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश कर सकती है। उनके अनुसार, पहले वांगचुक के साथ समझौता कर उन्हें बेअसर करने, फिर विपक्ष से बातचीत करने और बाद में प्रदर्शनकारियों पर सख्ती दिखाने जैसी रणनीति अपनाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि यह तरीका सफल नहीं होगा।
सरकार और सीजेपी के बीच बैठक की तैयारी
इस घटनाक्रम के बीच, शुक्रवार को केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रतिनिधियों के बीच बैठक प्रस्तावित है। यह बैठक दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में होगी। जानकारी के अनुसार, पार्टी की न्यूट्रल स्थान पर बैठक कराने की मांग स्वीकार कर ली गई है। बैठक दोपहर करीब 12:30 बजे होने की संभावना है। वहीं, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने गृह मंत्री अमित शाह के साथ भी चर्चा की है।
