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सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल: स्वास्थ्य में गिरावट और दिल्ली हाई कोर्ट का हस्तक्षेप

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक 28 जून से NEET पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर हैं। उनकी सेहत में गिरावट आई है, और डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि उन्हें थर्ड स्टेज का खतरा है। दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी सेहत पर नजर रखने का आदेश दिया है। अरविंद केजरीवाल ने भी उनका समर्थन किया है। जानें इस गंभीर स्थिति के बारे में और क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
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सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का 19वां दिन

दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक 28 जून से भूख हड़ताल पर हैं। NEET पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर उनकी यह हड़ताल जारी है। अब उनकी सेहत बिगड़ने लगी है, और आज उनकी हड़ताल का 19वां दिन है। उनका वजन लगातार घट रहा है, और डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि उन्हें थर्ड स्टेज का खतरा है, जो उनके लिए गंभीर हो सकता है। दिल्ली हाई कोर्ट ने भी उनकी सेहत पर नजर रखने का निर्देश दिया है।


डॉक्टरों की चेतावनी

सोनम वांगचुक का मेडिकल चेकअप करने वाले डॉक्टर सतीश लांबा ने बताया कि हड़ताल का थर्ड स्टेज शुरू हो चुका है, जो चिंताजनक है। उन्होंने कहा, 'इस स्टेज पर शरीर के आंतरिक अंगों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। हमारी मेडिकल टीम 24 घंटे उनकी निगरानी कर रही है। पिछले 19 दिनों में उनका वजन 9 किलो से अधिक घट चुका है, और अब उनका वजन 56.9 किलो है। हालिया मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, उनका ब्लड शुगर 80 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर है, और दिल की धड़कन 72 प्रति मिनट है। उनका ब्लड प्रेशर लेटते समय 105/61 और बैठते समय 101/65 मिलीमीटर ऑफ मरकरी है। यूरिक एसिड का स्तर बढ़ गया है, जो दर्शाता है कि उनका शरीर ऊर्जा के लिए मांसपेशियों को जला रहा है। राहत की बात यह है कि वह मानसिक रूप से सतर्क हैं और शरीर में पानी की कमी नहीं है।


दिल्ली हाई कोर्ट का हस्तक्षेप

दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले में दखल दिया है। मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे सोनम वांगचुक की सेहत पर रोजाना नजर रखें और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें तुरंत चिकित्सा सहायता प्रदान करें। कोर्ट ने कहा कि किसी भी नागरिक की जिंदगी कीमती है और सरकारी अधिकारियों को उसे बचाने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए। केंद्र और दिल्ली सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी कोर्ट में कहा कि हर व्यक्ति की जिंदगी महत्वपूर्ण है और नियमित मेडिकल जांच में कोई समस्या नहीं होनी चाहिए। यह आदेश वांगचुक की सेहत को लेकर चिंता जताने वाली जनहित याचिका के बाद आया है।


केजरीवाल का समर्थन

यह हड़ताल 25 दिनों से अधिक समय से चल रही है। सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत को देखते हुए अरविंद केजरीवाल ने उनका समर्थन किया है। केजरीवाल गुरुवार शाम 5 बजे जंतर-मंतर जाकर उनसे मिलेंगे। उन्होंने सोनम वांगचुक को देश की बड़ी धरोहर बताया और उनसे हड़ताल समाप्त करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अपनी बात रखने के और भी तरीके हो सकते हैं। आम आदमी पार्टी ने इस आंदोलन का पूरा समर्थन किया है और अब इस समूह ने 20 जुलाई को संसद तक मार्च निकालने का निर्णय लिया है।