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सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल खत्म की, सरकार से मिला लिखित आश्वासन

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों की भूख हड़ताल के बाद सरकार से लिखित आश्वासन मिलने पर अनशन समाप्त कर दिया। केंद्रीय मंत्रियों ने उनसे मुलाकात की और कई सांसदों ने भी उनकी भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की। सरकार ने आश्वासन दिया है कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ कोई मामला नहीं दर्ज किया जाएगा और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए संसद में चर्चा की जाएगी। जानें इस मामले में और क्या हुआ।
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सोनम वांगचुक का अनशन समाप्त


नई दिल्ली: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों की भूख हड़ताल के बाद अपना अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया है। यह कदम उन्होंने सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद उठाया। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने देर रात उनसे मुलाकात की, जिसमें लद्दाख की एपेक्स बॉडी के कई वरिष्ठ नेता भी शामिल थे। वांगचुक ने बताया कि पिछले दो दिनों से उनकी मांगों पर सरकार के साथ बातचीत चल रही थी।


सरकार से लिखित आश्वासन की मांग

वांगचुक की प्रमुख मांग थी कि सरकार द्वारा दिए गए आश्वासन लिखित रूप में हों। इसी कारण बातचीत में समय लगा और उन्हें दो दिन और भूख हड़ताल पर रहना पड़ा। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यक होता, तो वह अपनी मांगों के लिए और भी लंबे समय तक अनशन जारी रखने के लिए तैयार थे। अंततः सरकार ने उन्हें लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद उन्होंने अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया।


सांसदों ने की अनशन खत्म करने की अपील

इससे पहले, विभिन्न राजनीतिक दलों के लगभग 65 सांसद वांगचुक से मिल चुके थे। सांसदों ने हस्ताक्षर कर उनसे भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील की थी। उन्होंने वांगचुक को आश्वासन दिया कि संसद में नीट पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। हालांकि, वांगचुक ने लिखित आश्वासन मिलने तक अनशन खत्म करने के लिए तैयार नहीं थे।


लिखित आश्वासन में क्या शामिल है?

सरकार के लिखित आश्वासन में तीन मुख्य बातें शामिल हैं। पहली, जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों और 20 जुलाई को संसद मार्च में शामिल प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया जाएगा। दूसरी, परीक्षा व्यवस्था से संबंधित मुद्दों पर संसद में चर्चा की जाएगी। तीसरी, नीट पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने पर सरकार सकारात्मक रूप से विचार करेगी।


सामाजिक कार्यकर्ताओं और सांसदों का आभार

अनशन समाप्त करने के बाद, सोनम वांगचुक ने लद्दाख की एपेक्स बॉडी के सभी नेताओं का धन्यवाद किया, जो उनके समर्थन में दिल्ली आए थे। उन्होंने उन सांसदों का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उनसे मुलाकात की और अनशन खत्म करने की अपील की। वांगचुक ने कहा कि 26 दिनों के बाद उन्होंने पहली बार कुछ खाया है और हल्के अंदाज में कहा कि खाने का स्वाद अच्छा है, लेकिन भूख का कोई स्वाद नहीं होता।