सोनम वांगचुक ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर दी प्रतिक्रिया, सुधार की आवश्यकता पर जोर
सोनम वांगचुक का बयान
NEET (UG) परीक्षा में हुई गड़बड़ियों के खिलाफ आंदोलन के प्रमुख चेहरे सोनम वांगचुक ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को शिक्षा सुधार की दिशा में एक प्रारंभिक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि केवल मंत्री का बदलना शिक्षा प्रणाली की समस्याओं का समाधान नहीं करेगा। इसके लिए शिक्षा प्रणाली में व्यापक और दीर्घकालिक सुधारों की आवश्यकता है। यह बयान उन्होंने राजघाट पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मीडिया से बातचीत में दिया।
सोमवार को राजघाट पर श्रद्धांजलि देने के बाद, वांगचुक ने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति और मंत्री जनता के प्रति जिम्मेदार होता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सरकार आंदोलन के दौरान किए गए वादों को पूरा करेगी और शिक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और विश्वसनीय बनाने के लिए ठोस कदम उठाएगी।
सोनम वांगचुक का विस्तृत बयान
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर वांगचुक ने कहा, 'यह केवल शुरुआत है। यदि इस मुद्दे को गंभीरता से लिया गया और सही तरीके से हल किया गया, तो हमारा देश पहले से बेहतर बन सकता है। मुझे विश्वास है कि इस दिशा में प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। बातचीत चल रही है और मुझे उम्मीद है कि सकारात्मक संवाद के माध्यम से देश के हित में सही निर्णय लिया जाएगा। आपसी समझ और सहयोग से हम एक उत्कृष्ट शिक्षा प्रणाली स्थापित कर सकते हैं।'
पब्लिक एग्जामिनेशन अमेंडमेंट बिल पर उन्होंने कहा, 'यह एक सकारात्मक कदम है। इस पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए और पूरी तरह से विचार-विमर्श के बाद सही निर्णय लिया जाना चाहिए।' प्रदर्शन कर रहे लोगों पर कार्रवाई के संदर्भ में उन्होंने कहा, 'जो लोग शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। यदि कुछ शरारती तत्व माहौल को बिगाड़ने का प्रयास करते हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि शांतिपूर्ण विरोध करना हमारा संवैधानिक अधिकार है और इसका सम्मान होना चाहिए। अन्य मामलों में कानून अपना कार्य करेगा।'
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