सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट: जानें क्या है कारण?
सोने और चांदी में गिरावट का असर
नई दिल्ली: सोने और चांदी में निवेश करने वालों के लिए शुक्रवार की सुबह एक सकारात्मक संकेत मिला है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी कीमतों में कमी आई है, जिसका प्रभाव घरेलू बाजार पर भी पड़ सकता है। अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए शांति समझौते के चलते कच्चे तेल की कीमतें भी गिर रही हैं, जिससे सोने और चांदी के दामों में आई कमी ने निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतें
19 जून 2026 को अंतरराष्ट्रीय वायदा बाजार कॉमेक्स में सोने की कीमत में महत्वपूर्ण गिरावट देखी गई। सुबह लगभग 7:30 बजे सोने की कीमत 1.02 फीसदी घटकर 4,202.60 डॉलर प्रति औंस हो गई। इसी तरह, चांदी की कीमत भी 1.86 फीसदी की कमी के साथ 65.085 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। इस वैश्विक कमजोरी का असर भारतीय बाजारों में भी देखने को मिल सकता है।
एमसीएक्स पर संभावित प्रभाव
घरेलू वायदा बाजार एमसीएक्स में 18 जून को सोने और चांदी दोनों की कीमतों में गिरावट आई थी। कारोबार के अंत में सोने का भाव 2.93 फीसदी घटकर 1,49,378 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ, जबकि चांदी की कीमत 5.63 फीसदी गिरकर 2,37,620 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जारी कमजोरी को देखते हुए, एमसीएक्स में भी कारोबार की शुरुआत दबाव में हो सकती है।
सोने का ताजा भाव
इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 18 जून 2026 को फाइन गोल्ड का भाव 14,809 रुपये प्रति ग्राम दर्ज किया गया, जो बाजार में चल रही नरमी को दर्शाता है।
सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट के कारण
पिछले कुछ महीनों में पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने पर सोने और चांदी की कीमतों में विभिन्न प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं। लेकिन इस बार बाजार की दिशा कुछ अलग है, जिसके पीछे कई आर्थिक कारण हैं।
डॉलर की मजबूती का प्रभाव
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के बाद तेल की कीमतों में गिरावट आई है, लेकिन डॉलर इंडेक्स मजबूत हुआ है। जब डॉलर मजबूत होता है, तो अन्य देशों के निवेशकों के लिए सोना, चांदी और कच्चा तेल महंगा हो जाता है, जिससे इनकी मांग पर असर पड़ता है और कीमतों में गिरावट आती है। यही कारण है कि इस समय सोना और चांदी दोनों दबाव में हैं।
फेडरल रिजर्व के निर्णय का असर
हाल ही में अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को स्थिर रखने का निर्णय लिया है। जब ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं, तो निवेशक सोने जैसी धातुओं में कम रुचि दिखाते हैं, जिससे कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट आती है। बाजार विशेषज्ञ भी इस कमजोरी के पीछे इस कारण को महत्वपूर्ण मानते हैं।
चीन की मांग में कमी
सोने और चांदी की खपत में चीन का बड़ा योगदान है, लेकिन हाल के समय में वहां मांग में कमी आई है, जिससे वैश्विक बाजार में कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
प्रमुख शहरों में चांदी का ताजा भाव (प्रति ग्राम)
| शहर के नाम | 24 कैरेट | 22 कैरेट | 18 कैरेट |
| दिल्ली | 14,965 | 13,719 | 11,227 |
| मुंबई | 14,950 | 13,704 | 11,212 |
| कोलकाता | 14,950 | 13,704 | 11,212 |
| चेन्नई | 15,217 | 13,949 | 11,659 |
| बैंगलोर | 14,950 | 13,704 | 11,212 |
| हैदराबाद | 14,950 | 13,704 | 11,212 |
प्रमुख शहरों में चांदी का ताजा भाव
देश के कई बड़े शहरों में शुक्रवार को चांदी की कीमतों में नरमी बनी रही। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु में एक किलो चांदी का भाव 2,59,900 रुपये दर्ज किया गया। वहीं चेन्नई और हैदराबाद में चांदी की कीमत 2,69,900 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई।
