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सोशल मीडिया विवाद: गौरव भाटिया ने CJP के खिलाफ दायर की मानहानि याचिका

भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता गौरव भाटिया और कॉकरोच जननता पार्टी के सदस्यों के बीच सोशल मीडिया पर शुरू हुआ विवाद अब दिल्ली हाईकोर्ट में मानहानि याचिका के रूप में सामने आया है। सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने दोनों पक्षों को सलाह दी कि वे बिना सत्यापित जानकारी के पोस्ट करने से बचें। गौरव भाटिया ने CJP के खिलाफ 2 करोड़ का मानहानि केस दायर किया है। जानें इस मामले की पूरी कहानी और कोर्ट की टिप्पणियाँ।
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सोशल मीडिया पर शुरू हुआ विवाद

भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता गौरव भाटिया और कॉकरोच जननता पार्टी (CJP) के सदस्यों के बीच सोशल मीडिया पर शुरू हुआ विवाद अब दिल्ली हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। गौरव भाटिया ने CJP के सौरव दास के खिलाफ मानहानि का मामला दायर किया, जिसकी सुनवाई गुरुवार को हुई। कोर्ट में CJP के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने विवादित पोस्ट को 24 घंटे के भीतर हटाने का आश्वासन दिया।


कोर्ट की टिप्पणियाँ

सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने कहा कि सभी युवा हैं और विरोध के कई तरीके हैं, लेकिन बिना सत्यापित जानकारी के सोशल मीडिया पर ऐसे पोस्ट करना उचित नहीं है। जस्टिस तुषार राव गेडेला ने कहा कि अपनी चिंताओं को व्यक्त करना सही है, लेकिन इस तरह के कंटेंट से बचना चाहिए।


विवाद का मूल

CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने 5 सितंबर को अपने सोशल मीडिया पर एक ग्राफिक्स साझा किया, जिसमें गौरव भाटिया की विवादित तस्वीर थी। यह पोस्ट हाल ही में चर्चा में रहे निशू आजाद के मामले से संबंधित था। गौरव भाटिया ने इस पोस्ट को फर्जी बताते हुए बयान देने से इनकार किया।


कोर्ट में सुनवाई का परिणाम

कोर्ट में सौरव दास के वकील ने बताया कि विवादित ट्वीट पहले ही हटा दिया गया है। कोर्ट ने कहा कि एक और पोस्ट भी शेयर की गई थी। सौरव दास और आशुतोष रांका ने कोर्ट की सलाह पर पोस्ट हटाने पर सहमति जताई। गौरव भाटिया ने कहा कि उनकी तस्वीर के साथ गलत बयान दिया गया, जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचा।


सुनवाई के बाद की प्रतिक्रियाएँ

सुनवाई के बाद, दोनों पक्षों ने सोशल मीडिया पर अपने विचार साझा किए। गौरव भाटिया ने इसे अपनी जीत बताया और सत्यमेव जयते के साथ अपनी तस्वीर साझा की। वहीं, सौरव दास ने बताया कि उन्होंने कोर्ट के सुझाव पर पोस्ट हटा दिए हैं और गौरव भाटिया के खिलाफ डायनेमिक इंजंक्शन की मांग को कोर्ट ने खारिज कर दिया।