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स्पाइसजेट की फ्लाइट में एसी खराब, 150 यात्रियों को झेलनी पड़ी गर्मी

दिल्ली से पुणे जा रही स्पाइसजेट की फ्लाइट में एसी खराब होने से यात्रियों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ा। लगभग 150 यात्रियों में से एक गर्भवती महिला की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद यात्रियों ने हंगामा किया। फ्लाइट को रद्द कर दिया गया और यात्री छह घंटे तक एयरपोर्ट पर फंसे रहे। एयरलाइन ने अपनी गलती स्वीकार की है, लेकिन यह पहली बार नहीं है जब स्पाइसजेट की लापरवाही सामने आई है। जानें इस घटना के बारे में विस्तार से।
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दिल्ली से पुणे जा रही फ्लाइट में यात्रियों का बुरा हाल

नई दिल्ली: मंगलवार की रात, दिल्ली से पुणे की यात्रा कर रही स्पाइसजेट की एक फ्लाइट में यात्रियों के लिए स्थिति बेहद भयावह हो गई। एसी में खराबी के कारण लगभग 150 यात्रियों को गंभीर गर्मी का सामना करना पड़ा। केबिन का तापमान इतना बढ़ गया कि यह एक भट्टी में बदल गया, जिससे यात्रियों को सांस लेने में कठिनाई होने लगी। इस संकट के बीच एक गर्भवती महिला की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद यात्रियों ने हंगामा शुरू कर दिया। अंततः, भारी विरोध के बाद फ्लाइट को रद्द कर दिया गया और यात्री छह घंटे से अधिक समय तक एयरपोर्ट पर फंसे रहे।


बोर्डिंग के समय से ही महसूस होने लगा था संकट


जानकारी के अनुसार, स्पाइसजेट की यह फ्लाइट मंगलवार रात 9:45 बजे दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाली थी, लेकिन इसमें देरी हुई और इसे 10:30 बजे के लिए पुनर्निर्धारित किया गया। जब यात्रियों ने विमान में चढ़ाई की, तो उन्हें महसूस हुआ कि वेंटिलेशन काम नहीं कर रहा है। शुरुआत में, लोगों ने इसे सामान्य तकनीकी समस्या समझा, लेकिन जल्द ही केबिन में गर्मी बढ़ने लगी और सभी के कपड़े पसीने से तर हो गए।


यात्री गर्मी से परेशान, 'स्पाइसजेट हाय-हाय' के नारे


एसी न चलने और हवा की कमी के कारण फ्लाइट में हाहाकार मच गया। गर्मी से बचने के लिए लोग कागज से हवा करने लगे। इसी बीच, एक गर्भवती महिला की हालत बिगड़ने पर यात्रियों ने फ्लाइट का दरवाजा खोलने की मांग की। लगभग एक घंटे तक इस भट्टी में रहने के बाद, जब यात्रियों को विमान से बाहर निकाला गया, तो महिला को एयरपोर्ट पर चिकित्सा सहायता दी गई। बाहर निकलने के बाद, गुस्साए यात्रियों ने 'स्पाइसजेट हाय-हाय' के नारे लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया।


रात 2 बजे तक एप्रन पर खड़े रहे यात्री, खाने-पीने का कोई प्रबंध नहीं


यात्रियों ने आरोप लगाया कि क्रू मेंबर्स या स्टाफ ने उन्हें सही जानकारी नहीं दी। विमान से उतारने के बाद तकनीकी टीम ने जांच की और कहा कि समस्या 20 मिनट में ठीक हो जाएगी। इस झूठे आश्वासन के सहारे यात्री रात 2 बजे तक एप्रन पर खड़े रहे। यात्रियों का आरोप है कि इतनी गर्मी और परेशानी के बावजूद एयरलाइन ने उन्हें नाश्ता या खाने-पीने का कूपन तक नहीं दिया। अंततः, बुधवार की सुबह उन्हें दूसरी फ्लाइट से पुणे भेजा गया।


स्पाइसजेट ने दी सफाई, लापरवाही का मामला नहीं है नया


इस हंगामे के बाद स्पाइसजेट एयरलाइन ने अपनी गलती स्वीकार की है। एयरलाइन के प्रवक्ता ने बताया कि 11 अगस्त को दिल्ली से पुणे जाने वाली फ्लाइट में तकनीकी समस्या आई थी। प्रवक्ता ने पुष्टि की कि समस्या का समाधान न होने पर यात्रियों के लिए दूसरी फ्लाइट की व्यवस्था की गई। यह पहली बार नहीं है जब स्पाइसजेट की लापरवाही सामने आई है; इससे पहले 5 अगस्त को भी एक फ्लाइट में यात्रियों ने आरोप लगाया था कि उन्हें उड़ान के दौरान खाना या पानी नहीं दिया गया था।