स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगे का सम्मान: जानें क्या करें और क्या न करें
स्वतंत्रता दिवस का महत्व
नई दिल्ली: 15 अगस्त को भारतवासी स्वतंत्रता दिवस का उत्सव मनाते हैं। इस दिन सरकारी कार्यालयों, स्कूलों और कॉलेजों में ध्वजारोहण का आयोजन होता है। लोग अपने घरों, दुकानों और वाहनों पर तिरंगा झंडा लगाते हैं।
तिरंगे का अपमान और उसके परिणाम
स्वतंत्रता दिवस के बाद, कई बार कागज और प्लास्टिक के तिरंगे सड़कों, नालियों और कूड़े में पड़े मिलते हैं। राष्ट्रीय ध्वज का इस तरह अपमान करना कानून के तहत गंभीर अपराध माना जाता है।
सड़क पर तिरंगा मिलने पर क्या करें?
यदि आपको सड़क या किसी सार्वजनिक स्थान पर तिरंगा पड़ा हुआ दिखाई दे, तो उसे सावधानीपूर्वक उठाएं। सुनिश्चित करें कि झंडे पर पैर न पड़े और इसे अन्य कचरे के साथ न मिलाएं। तिरंगे को साफ और सुरक्षित स्थान पर रखें। क्षतिग्रस्त या गंदे झंडे का निस्तारण भारतीय ध्वज संहिता के अनुसार सम्मानपूर्वक किया जाना चाहिए।
शिकायत कैसे करें?
यदि कोई व्यक्ति, दुकानदार या संस्था जानबूझकर राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करता है या तिरंगे को कचरे में फेंकता है, तो आप नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत कर सकते हैं। इसके अलावा, स्थानीय प्रशासन या जिला कलेक्टर कार्यालय में भी इस मामले की जानकारी दी जा सकती है। शिकायत करते समय घटना का स्थान, समय और उपलब्ध फोटो या वीडियो जैसी जानकारी देना सहायक हो सकता है।
कानूनी प्रावधान
राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान से जुड़े नियम भारतीय ध्वज संहिता और Prevention of Insults to National Honour Act, 1971 में वर्णित हैं। जानबूझकर राष्ट्रीय ध्वज को जलाना, फाड़ना या किसी अन्य तरीके से अपमान करना दंडनीय अपराध है। कानून के तहत दोषी व्यक्ति को तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है।
खराब तिरंगे का निस्तारण
भारतीय ध्वज संहिता के अनुसार, फटे या खराब तिरंगे को सम्मान के साथ नष्ट किया जाना चाहिए। ऐसे झंडे को गरिमा के साथ जलाया या उचित तरीके से दफन किया जा सकता है। निस्तारण की प्रक्रिया शांत और सम्मानजनक होनी चाहिए। तिरंगे को सामान्य कचरे में फेंकना उचित नहीं है।
