स्वतंत्रता दिवस पर सभी जनपदों में वंदे मातरम् वाटिका की स्थापना
वंदे मातरम् वाटिका का महत्व
लखनऊ। योगी सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत वन विभाग विशेष वनों की स्थापना कर रहा है। हाल ही में प्रदेश में कई विशिष्ट वन स्थापित किए गए हैं। अब 15 अगस्त को सभी 75 जनपदों में वंदे मातरम् वाटिका की स्थापना की जाएगी। यह वाटिका न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश देगी, बल्कि राष्ट्रभक्ति को भी प्रोत्साहित करेगी। राष्ट्रगीत के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में ‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत हर जनपद में 150 पौधों का रोपण किया जाएगा। इस वाटिका की स्थापना में जनसहभागिता को प्राथमिकता दी जाएगी।
हर जनपद में पौधों का रोपण
वंदे मातरम् वाटिका का उद्देश्य
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत 15 अगस्त को सभी जिलों में ‘वंदे मातरम् वाटिका’ स्थापित की जाएंगी। इसके लिए वन विभाग ने आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रत्येक जनपद में एक चयनित स्थान पर 150 पौधों का रोपण किया जाएगा, जो राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्रकृति को समर्पित श्रद्धांजलि होगी। वन विभाग हर जनपद में ‘वंदे मातरम् वाटिका’ विकसित करेगा, जिसमें स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार छायादार, फलदार और पर्यावरण संरक्षण में सहायक प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे। इन पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी स्थानीय स्तर पर तय की जाएगी, ताकि यह अभियान स्थायी हरित धरोहर का रूप ले सके।
कुकरैल में विशेष पौधरोपण
कुकरैल पिकनिक स्पॉट में पौधरोपण
अवध वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी सितांशु पांडेय ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस पर कुकरैल पिकनिक स्पॉट में वंदे मातरम् वाटिका का विस्तार किया जाएगा। यहां अशोक चक्र का निर्माण किया गया है, जिसकी 24 तीलियों के बाहर अशोक के पौधे लगाए जाएंगे। पौधों की सुरक्षा के लिए चारों ओर फेंसिंग की जाएगी। इसमें भारतीय वन सेवा के सेवानिवृत्त और वर्तमान अधिकारियों के साथ-साथ समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों से पौधरोपण कराया जाएगा।
भावी पीढ़ी के लिए संदेश
राष्ट्रप्रेम और प्रकृति संरक्षण का संदेश
अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (सामाजिक वानिकी) दीपक कुमार ने बताया कि वंदे मातरम् वाटिका ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी है। इस विशेष अभियान में आम नागरिकों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित होगी। पौधरोपण कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, विद्यालयों/महाविद्यालयों/विश्वविद्यालयों के विद्यार्थी, स्वयंसेवी संस्थाएं, सामाजिक संगठन, वंदे मातरम् फाउंडेशन/ट्रस्ट, स्वतंत्रता सेनानियों के परिवार, एनसीसी/एनएसएस, युवक/महिला मंगल दल, भारतीय वन सेवा के वर्तमान/पूर्व अधिकारी और विभिन्न सरकारी विभाग सहभागी बनेंगे। स्वतंत्रता दिवस पर लगाए जाने वाले पौधे भावी पीढ़ी को राष्ट्रप्रेम, प्रकृति संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता का संदेश देंगे।
