स्वतंत्रता दिवस से पहले आतंकवादियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 253 गिरफ्तार
सुरक्षा एजेंसियों की सफल कार्रवाई
भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने स्वतंत्रता दिवस से पहले आतंकवादियों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण अभियान चलाया, जिसमें उन्हें आईएसआई (ISI) का समर्थन करने वाले शहजाद भट्टी के नेटवर्क का पता चला। इस गिरोह के 253 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके खिलाफ देश के 14 राज्यों में 80 से अधिक एफआईआर (FIR) दर्ज की गई थीं। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, यह गिरोह 15 अगस्त को देश पर हमला करने की योजना बना रहा था, लेकिन स्वतंत्रता दिवस से पहले ही इसका पर्दाफाश कर दिया गया। इस उपलब्धि के लिए गृह मंत्री अमित शाह ने सुरक्षा एजेंसियों की सराहना की है.
गृह मंत्री की प्रतिक्रिया
अमित शाह ने अपने एक्स अकाउंट पर इस आतंकी गिरोह के पर्दाफाश के बारे में एक पोस्ट साझा की। उन्होंने बताया कि भारतीय सुरक्षा बलों ने 14 राज्यों में अभियान चलाकर इस नेटवर्क का खुलासा किया। यह भारत की आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का एक स्पष्ट उदाहरण है। इसके साथ ही, उन्होंने कहा कि इस गिरोह के सदस्यों के पास बड़ी मात्रा में हथियार मिले, जिनमें पाकिस्तान में निर्मित पिस्तौल भी शामिल थी। इसके अलावा, जासूसी के लिए उपयोग होने वाला एक कैमरा भी बरामद किया गया है.
शहजाद का नेटवर्क कैसे काम करता था?
सुरक्षा एजेंसियों की जांच के अनुसार, पाकिस्तान में स्थित शहजाद भट्टी भारत में एक आतंकी नेटवर्क का संचालन कर रहा था। वह सोशल मीडिया के माध्यम से भारतीय मुस्लिम युवाओं से संपर्क करता था, खासकर आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को अपने जाल में फंसाता था। इसके बाद, वह उन्हें अपने कट्टरपंथी विचारों में उलझा देता था.
युवाओं की भर्ती और कार्य
जब भारतीय युवा शहजाद की बातों में पूरी तरह से आ जाते थे, तो उन्हें नेटवर्क का हिस्सा बना लिया जाता था। इन युवाओं को जासूसी और विभिन्न स्थानों पर निगरानी रखने का कार्य सौंपा जाता था, साथ ही उन्हें हथियार भी दिए जाते थे। सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों की जांच के अनुसार, इन युवाओं को स्वतंत्रता दिवस पर हमले के लिए तैयार किया जा रहा था.
गिरफ्तारी की जानकारी
12 अगस्त को पुलिस ने इस आतंकी नेटवर्क के सदस्यों को गिरफ्तार किया। इनमें से सबसे अधिक 62 युवाओं को उत्तर प्रदेश से पकड़ा गया। इसके अलावा, दिल्ली से 51, पंजाब से 44, राजस्थान से 15, और महाराष्ट्र तथा उत्तराखंड से पांच-पांच युवाओं को गिरफ्तार किया गया.
