स्वतंत्रता दिवस से पहले भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा बढ़ाई गई
सुरक्षा व्यवस्था में कड़ी निगरानी
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा को सख्त किया गया है। महराजगंज जिले में लगभग 84 किलोमीटर लंबी सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है, ताकि देश विरोधी गतिविधियों और घुसपैठ की संभावनाओं को रोका जा सके। सोनौली सीमा पर एसएसबी और पुलिस द्वारा आने-जाने वाले व्यक्तियों, वाहनों और सामान की गहन जांच की जा रही है।
सीमा क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने के लिए सीसीटीवी कैमरों का उपयोग किया जा रहा है, और डॉग स्क्वायड की सहायता भी ली जा रही है। नेपाल से भारत आने वाले व्यक्तियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके अलावा, सोनौली और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं।
सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल और पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने सोमवार को सोनौली सीमा का दौरा किया। अधिकारियों ने एसएसबी की सीमा चौकी पर जाकर सुरक्षा एजेंसियों और खुफिया विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान सीमा की सुरक्षा, निगरानी और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी ली गई और आवश्यक निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी गौरव सिंह ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर सभी सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय बैठक की गई है। सोनौली सीमा पर बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है, इसलिए सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ भारत और नेपाल की सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने कहा कि सीमा पर तैनात सभी सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों पर नजर रखने के साथ ही किसी भी सूचना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि स्वतंत्रता दिवस तक सीमा क्षेत्र में निगरानी और जांच अभियान जारी रहेगा। सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल के माध्यम से देश विरोधी तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

