स्वामी चक्रपाणि ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर उठाए सवाल
राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर स्वामी चक्रपाणि की प्रतिक्रिया
नई दिल्ली। राम मंदिर चढ़ावे की चोरी के मामले में हिंदू महासभा के अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि ने ट्रस्ट के सदस्यों और चंदा गिनने वाले कर्मचारियों पर कड़ी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि यह घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है, क्योंकि रामराज्य में चोरी की कोई कल्पना नहीं की जा सकती। अयोध्या के भव्य राम मंदिर में ऐसी घटना होना बहुत ही पीड़ादायक है।
स्वामी चक्रपाणि ने कहा कि यह सभी रामभक्तों के लिए दुखद है, क्योंकि इससे हिंदू विरोधियों को हंसने का मौका मिला है। उन्होंने कहा कि चढ़ावे की चोरी ने उन लोगों को अवसर दिया है जो हिंदू धर्म का उपहास उड़ाते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि राम मंदिर का निर्माण केवल आंदोलन या संसद के माध्यम से नहीं हुआ, बल्कि यह सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय से संभव हुआ।
पक्षकारों को उद्घाटन में नहीं बुलाया गया
स्वामी चक्रपाणि ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय इसलिए राम मंदिर के पक्ष में आया क्योंकि इसके लिए एक लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी गई। कई हिंदू पक्षकारों ने अपनी संपत्ति बेचकर इस लड़ाई में भाग लिया, और वह खुद भी इस प्रक्रिया का हिस्सा थे। लेकिन सरकार ने इन पक्षकारों को ट्रस्ट में शामिल नहीं किया और न ही राम मंदिर के उद्घाटन समारोह में आमंत्रित किया।
बॉलीवुड के कलाकारों को बुलाने पर नाराजगी
उन्होंने राम मंदिर के उद्घाटन समारोह में फिल्मी सितारों को आमंत्रित करने पर भी असंतोष व्यक्त किया। स्वामी चक्रपाणि ने कहा कि रील बनाने के लिए बॉलीवुड के बीफ खाने वालों को बुलाया गया, जबकि ट्रस्ट में धार्मिक व्यक्तियों और 13 अखाड़ों के प्रतिनिधियों का होना आवश्यक था। यदि ट्रस्ट में धार्मिक लोग होते, तो चोरी की यह घटना नहीं होती।
चोरी करने वालों का परिणाम
स्वामी चक्रपाणि ने कहा कि धार्मिक लोग जानते हैं कि देव द्रव्य की चोरी का परिणाम क्या होता है। उन्होंने चेतावनी दी कि चढ़ावे की चोरी करने वाले लोग 60,000 वर्षों तक विष्ठा का कीड़ा बनकर भोगेंगे। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने भी कहा कि वहां कोई व्यवस्था नहीं थी और ट्रस्ट को इस घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
भगवान चित्रगुप्त का लेखा-जोखा
स्वामी चक्रपाणि ने ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि कोषाध्यक्ष का चढ़ावे की गिनती से कोई लेना-देना नहीं है, तो उन्हें अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चोरी के 90 वीडियो सीसीटीवी में मिले हैं, और भगवान चित्रगुप्त के पास सबका लेखा-जोखा होता है। यहां बच सकते हैं, लेकिन वहां भगवान चित्रगुप्त कड़ाही में तलवाएंगे।
