स्वामी रामदेव और बृजभूषण शरण सिंह के बीच विवाद का समाधान
विवाद का अंत
नई दिल्ली: हाल ही में योग गुरु स्वामी रामदेव और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बीच उत्पन्न विवाद अब समाप्त हो गया है। बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दोनों ने एक-दूसरे से मुलाकात की और कहा कि बातचीत के बाद सभी गलतफहमियां दूर हो गई हैं।
स्वामी रामदेव ने बताया कि बृजभूषण शरण सिंह को कुछ गलतफहमियां थीं, लेकिन लंबी चर्चा के बाद उन्होंने सच्चाई को समझ लिया। रामदेव ने कहा, "आज उन्होंने भी इस मामले का पटाक्षेप कर दिया। हम उनका दिल से धन्यवाद करते हैं। किसी भी विवाद को वहीं समाप्त कर देना चाहिए।"
उन्होंने आगे कहा कि बृजभूषण शरण सिंह ने स्पष्ट किया है कि वह संतों और देश के लिए काम करने वाले लोगों का सम्मान करते हैं। रामदेव ने कहा, "हम साधु हैं, किसी बात को बढ़ाना नहीं चाहते। हमारा उद्देश्य केवल सेवा करना है।"
प्रेस कॉन्फ्रेंस में रामदेव ने अपने स्वास्थ्य और पतंजलि के गाय के घी के बारे में फैलाई जा रही अफवाहों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों से उनके स्वास्थ्य को लेकर झूठी बातें फैलाई जा रही हैं, जबकि वह पूरी तरह स्वस्थ हैं।
रामदेव ने पतंजलि के गाय के घी पर लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए कहा, "पतंजलि का गाय का घी असली है, हमारी दवाइयां भी असली हैं।" उन्होंने मीडिया से कहा कि घी के दो ढक्कन ले जाएं, एक खाने के लिए और दूसरा लैब में जांच के लिए। यदि उत्पाद में कोई कमी होगी तो वैज्ञानिक जांच से यह स्पष्ट हो जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि पतंजलि और स्वदेशी अभियान विदेशी कंपनियों को चुनौती देने के लिए शुरू किया गया था। रामदेव ने दावा किया कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है और देशी नस्ल की गायों के संरक्षण के लिए पतंजलि लगातार प्रयास कर रही है।
आयुर्वेद पर चर्चा करते हुए रामदेव ने कहा कि पिछले 30 वर्षों में हजारों शोधपत्रों के आधार पर आयुर्वेद को वैज्ञानिक प्रमाणों के साथ आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद ने गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लाखों लोगों की मदद की है।
कुछ दिन पहले बृजभूषण शरण सिंह ने एक कार्यक्रम में स्वामी रामदेव और पतंजलि के उत्पादों पर टिप्पणी की थी, जिसके बाद विवाद की चर्चा तेज हो गई थी। अब दोनों पक्षों ने बातचीत के बाद विवाद समाप्त होने की घोषणा की है।
