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हमीरपुर में छात्रों का सड़क निर्माण की मांग को लेकर प्रदर्शन

हमीरपुर में स्कूली बच्चों ने खराब सड़क की स्थिति के खिलाफ प्रदर्शन किया। सैकड़ों छात्रों ने तिरंगा लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम कार्यालय में घुसने का प्रयास किया। बारिश के बाद कीचड़ में तब्दील हुई सड़क ने बच्चों के स्कूल जाने में कठिनाई पैदा कर दी है। ग्रामीणों ने पक्की सड़क की मांग की है ताकि हर बारिश में उन्हें इसी समस्या का सामना न करना पड़े। जानें इस मुद्दे पर और क्या हो रहा है।
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स्कूली बच्चों का प्रदर्शन


हमीरपुर: सड़क की खराब स्थिति से नाराज स्कूली बच्चों ने मंगलवार को सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। कुरारा ब्लॉक के चंदूपुर से जुड़े लगभग आधा दर्जन गांवों के सैकड़ों छात्र-छात्राएं तिरंगा लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। बच्चों ने डीएम कार्यालय में प्रवेश करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस और अधिकारियों ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद उन्होंने गेट पर ही धरना शुरू कर दिया।


करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी यह सड़क बारिश के बाद कीचड़ में तब्दील हो गई है, जिससे बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इसी समस्या को लेकर तीन जुलाई को भी प्रदर्शन किया गया था। उस समय सड़क पर मिट्टी डालकर उसे चलने योग्य बनाया गया था, लेकिन बारिश के बाद मिट्टी बह गई और स्थिति फिर से खराब हो गई।


मंगलवार सुबह जब बच्चे और ग्रामीण कलेक्ट्रेट की ओर बढ़े, तो पुलिस-प्रशासन ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं रुके। एसडीएम सदर अभिषेक कुमार और सीओ यशपाल सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन बच्चे कलेक्ट्रेट तक पहुंच गए।


चंदूपुर और आसपास के गांवों में लगभग तीन हजार लोग निवास करते हैं। ग्रामीणों के अनुसार, बारिश में इस रास्ते से गुजरना बेहद कठिन हो जाता है। बीमारों को अस्पताल ले जाना हो या बच्चों को स्कूल पहुंचाना, हर कार्य के लिए कीचड़ और दलदल से जूझना पड़ता है। इसके अलावा, वैकल्पिक सिटी फॉरेस्ट वाला रास्ता भी वन विभाग ने बंद कर दिया है।


ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें अस्थायी मिट्टी भराई नहीं, बल्कि एक पक्की सड़क की आवश्यकता है ताकि हर बारिश में बच्चों और परिवारों को इसी समस्या का सामना न करना पड़े।