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हरदीप सिंह पुरी और जेफ्री एपस्टीन की तस्वीरों पर राजनीतिक विवाद

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी की जेफ्री एपस्टीन के साथ तस्वीरें सामने आने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस और TMC के नेताओं ने पुरी के पुराने बयानों पर सवाल उठाए हैं, खासकर जब उन्होंने कहा था कि उनकी मुलाकातें पेशेवर थीं। तस्वीरों में अन्य प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति ने और भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और पुरी का स्पष्टीकरण।
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नई राजनीतिक हलचल


डिजिटल, पर्दाफाश।  अमेरिका के यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के साथ केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी की तस्वीरें सामने आने के बाद देश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। तस्वीरों को लेकर कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेताओं ने पुरी के पुराने बयान पर सवाल उठाए हैं। पुरी पहले कह चुके हैं कि एपस्टीन से उनकी मुलाकातें पेशेवर थीं और वे प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में उससे मिले थे।


विवाद तब बढ़ा जब अमेरिकी न्याय विभाग की वेबसाइट पर मौजूद दस्तावेजों में दोनों की तस्वीरें चर्चा में आईं। कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत और TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने सवाल किया कि अगर ये मुलाकातें प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई थीं, तो तस्वीरों में दूसरे सदस्य क्यों दिखाई नहीं दे रहे हैं।


अमेरिकी न्याय विभाग की वेबसाइट पर मिलीं 11 तस्वीरें


एपस्टीन से जुड़ी फाइलों के नौवें सेट में हरदीप सिंह पुरी और एपस्टीन की कम से कम 11 तस्वीरें होने की बात सामने आई है। ये तस्वीरें मंगलवार को सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनीं। तस्वीरों में दोनों एक कमरे में बैठे बातचीत करते दिखाई देते हैं। कुछ तस्वीरों में उनके बैठने की स्थिति लगभग एक जैसी है।


इन तस्वीरों को अमेरिकी न्याय विभाग की वेबसाइट पर जारी दस्तावेजों में देखा जा सकता है। हालांकि, तस्वीरों से मुलाकात की पूरी परिस्थितियों, तारीख और बातचीत के विषय की जानकारी अपने आप स्पष्ट नहीं होती।


तस्वीरों का आधिकारिक लिंक: https://www.justice.gov/epstein/files/DataSet%209/EFTA01191294.pdf


सुप्रिया श्रीनेत और महुआ मोइत्रा ने उठाए सवाल


कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने सोशल मीडिया पर सवाल किया कि जब हरदीप सिंह पुरी ने कहा था कि वह एपस्टीन से कभी अकेले नहीं मिले, तो इन तस्वीरों का क्या मतलब है।


वहीं TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने भी पुरी के पुराने बयान का हवाला देते हुए सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि पुरी तीन-चार बार प्रतिनिधिमंडल के साथ एपस्टीन से मिलने की बात कह चुके हैं, लेकिन तस्वीरों में प्रतिनिधिमंडल के बाकी सदस्य कहां हैं? विपक्षी नेताओं ने इन तस्वीरों के आधार पर मंत्री से मुलाकातों का पूरा संदर्भ स्पष्ट करने की मांग की है।


राहुल गांधी के आरोपों पर पुरी ने क्या कहा था?


इस साल फरवरी में संसद में राहुल गांधी की ओर से एपस्टीन से जुड़ी फाइलों को लेकर सवाल उठाए जाने के बाद हरदीप सिंह पुरी ने अपना पक्ष रखा था। उन्होंने कहा था कि एपस्टीन से उनकी मुलाकातें उस समय हुई थीं, जब वह संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत की जिम्मेदारी छोड़ चुके थे और केंद्र सरकार में मंत्री नहीं बने थे।


पुरी के मुताबिक उनकी मुलाकातें इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट (IPI) से जुड़े प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में हुई थीं। उन्होंने इन मुलाकातों को पेशेवर बताया और एपस्टीन के खिलाफ लगे आपराधिक आरोपों से किसी भी तरह का संबंध होने से इनकार किया। पुरी ने यह भी कहा था कि IPI में उनके वरिष्ठ टेर्जे रोड-लार्सन एपस्टीन को जानते थे। उनके अनुसार, पहली मुलाकात के समय उन्हें एपस्टीन के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। बाद में उसके बारे में इंटरनेट पर जानकारी खोजी गई और मुलाकात को लेकर चर्चा भी हुई।


तस्वीरों के बाद बढ़ा जवाबदेही का सवाल


तस्वीरें सामने आने के बाद अब राजनीतिक बहस का केंद्र पुरी के पुराने बयान और मुलाकातों की वास्तविक परिस्थितियां हैं। विपक्षी नेता यह जानना चाहते हैं कि ये मुलाकातें किस उद्देश्य से हुई थीं और उनमें कौन-कौन शामिल था। हालांकि, किसी व्यक्ति के साथ तस्वीर में दिखाई देना अपने आप में उसके आपराधिक कृत्यों में शामिल होने का प्रमाण नहीं है। फिलहाल, सामने आई तस्वीरों और पुरी के पुराने बयान के बीच उठे सवालों पर उनका विस्तृत स्पष्टीकरण इस विवाद का अहम पहलू रहेगा।