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हरियाणा अग्निशामक कर्मचारियों की हड़ताल पर सरकार का कड़ा कदम

हरियाणा में अग्निशामक कर्मचारियों की हड़ताल पर सरकार ने कड़ा कदम उठाते हुए 10 कर्मचारी नेताओं को बर्खास्त कर दिया और 14 को निलंबित किया। यह कार्रवाई सफाई कर्मचारियों के आंदोलन के समर्थन में चल रही हड़ताल के बीच की गई है। कर्मचारी यूनियन ने कहा है कि वे अपनी मांगों के लिए आंदोलन जारी रखेंगे। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और सरकार की प्रतिक्रिया।
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हरियाणा अग्निशामक विभाग की कार्रवाई


हरियाणा अग्निशामक विभाग की हड़ताल: हरियाणा में सफाई कर्मचारियों के समर्थन में चल रही अग्निशामक कर्मचारियों की हड़ताल पर सरकार ने सख्त कदम उठाया है। अग्निशामक विभाग के महानिदेशालय ने दमकल कर्मचारी यूनियन के प्रमुख राजेंद्र सिंह और महासचिव गुलशन भारद्वाज सहित 10 कर्मचारी नेताओं की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। इसके साथ ही 14 नियमित अग्निशामक कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। इस कार्रवाई ने फायर कर्मचारियों और सरकार के बीच तनाव को बढ़ा दिया है। कर्मचारी यूनियन ने स्पष्ट किया है कि वे अपनी मांगों के लिए आंदोलन जारी रखेंगे।


ड्यूटी पर लौटने का आदेश

अग्निशामक विभाग के महानिदेशालय ने हड़ताल कर रहे कर्मचारियों को सुबह 9 बजे तक ड्यूटी पर लौटने का निर्देश दिया था। निर्धारित समय तक काम पर वापस नहीं लौटने वाले कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई। इसी क्रम में कर्मचारी नेताओं की सेवाएं समाप्त करने और नियमित कर्मचारियों को निलंबित करने के आदेश जारी किए गए।


कर्मचारी नेताओं की बर्खास्तगी

इस कार्रवाई में दमकल कर्मचारी यूनियन के प्रमुख पदाधिकारी भी शामिल हैं। यूनियन के राज्य प्रधान राजेंद्र सिंह और महासचिव गुलशन भारद्वाज समेत 10 कर्मचारी नेताओं की सेवाएं समाप्त की गई हैं। इसके अलावा, 14 नियमित कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। यह कार्रवाई विभिन्न फायर स्टेशनों पर तैनात कर्मचारियों के खिलाफ की गई है।


राज्य के विभिन्न हिस्सों में कार्रवाई

विभागीय कार्रवाई का दायरा राज्य के कई हिस्सों में फैला हुआ है। जानकारी के अनुसार, जगाधरी, सिरसा, भिवानी, करनाल और बावल जैसे विभिन्न फायर स्टेशनों के कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है। निलंबन के साथ-साथ संबंधित कर्मचारियों की नई तैनाती भी निर्धारित की गई है।


यूनियन का प्रतिक्रिया

सरकार की कार्रवाई के बाद, अग्निशामक कर्मचारी यूनियन के महासचिव गुलशन भारद्वाज ने कहा कि वे सरकार की कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जब तक कर्मचारियों की मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। यूनियन का मानना है कि सरकार को कार्रवाई करने के बजाय कर्मचारियों की मांगों पर बातचीत करनी चाहिए।


सफाई कर्मचारियों के आंदोलन से संबंध

अग्निशामक कर्मचारियों का आंदोलन सफाई कर्मचारियों के आंदोलन से भी जुड़ा हुआ है। विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेश में प्रदर्शन और हड़ताल का दौर जारी है। सरकार ने पहले भी कर्मचारियों को काम पर लौटने की अपील की है, लेकिन कर्मचारी संगठन अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। इस स्थिति में फायर विभाग के कर्मचारियों पर हुई ताजा कार्रवाई ने विवाद को और बढ़ा दिया है।