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हरियाणा के अग्निवीर ध्रुव रोहिल्ला की दुखद मौत, अंतिम विदाई राजकीय सम्मान के साथ

हरियाणा के रेवाड़ी जिले के जड़थल गांव के 22 वर्षीय अग्निवीर ध्रुव रोहिल्ला की प्रयागराज में ड्यूटी के दौरान एक दुखद हादसे में मौत हो गई। उनके पार्थिव शरीर के गांव पहुंचने पर शोक की लहर दौड़ गई। ध्रुव की अंतिम विदाई राजकीय सम्मान के साथ की गई, जिसमें सैकड़ों ग्रामीण शामिल हुए। जानें इस युवा सैनिक की कहानी और उनके परिवार पर पड़े प्रभाव के बारे में।
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हरियाणा के अग्निवीर की मौत से गांव में शोक


हरियाणा अग्निवीर की दुखद मौत: जिस बेटे को परिवार ने देश की सेवा के लिए सेना में भेजा था, उसकी तिरंगे में लिपटी पार्थिव देह जब घर पहुंची तो पूरा गांव गम में डूब गया। हरियाणा के रेवाड़ी जिले के जड़थल गांव के 22 वर्षीय अग्निवीर ध्रुव रोहिल्ला की प्रयागराज में ड्यूटी के दौरान एक हादसे में मौत हो गई। ध्रुव के निधन की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया। बुधवार को जब उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, तो अंतिम दर्शन के लिए सैकड़ों लोग उमड़ पड़े। गमगीन माहौल में सेना अधिकारियों की मौजूदगी में उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।


ध्रुव की सेना में भर्ती और परिवार की जिम्मेदारियां

ध्रुव रोहिल्ला ने जून 2025 में अग्निवीर के रूप में सेना में भर्ती होकर देशसेवा का रास्ता चुना था। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद उनकी ड्यूटी प्रयागराज में लगाई गई थी। परिवार के अनुसार, ध्रुव कम उम्र में ही देश की सेवा करने का सपना लेकर सेना में गए थे। वे अविवाहित थे और परिवार की जिम्मेदारियों में भी सहयोग करते थे। ध्रुव के पिता प्रवीण रोहिल्ला और छोटे भाई विनीत रोहिल्ला मेहनत-मजदूरी करते हैं। ध्रुव की एक बहन भी है। परिवार के मुताबिक, ध्रुव घर की जिम्मेदारियों में हाथ बंटा रहे थे। ऐसे में बेटे की अचानक मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।


हादसे का कारण और ध्रुव की अंतिम यात्रा

बताया गया कि प्रयागराज में ड्यूटी के दौरान ध्रुव पहाड़ी क्षेत्र में थे। इसी दौरान उनका पैर चट्टान पर फिसल गया और वह नीचे गिर गए। हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आईं। उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया और इलाज शुरू किया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका। उपचार के दौरान ध्रुव की मौत हो गई। ध्रुव की मौत की खबर जैसे ही जड़थल गांव पहुंची, वहां शोक की लहर दौड़ गई। परिवार के लिए यह खबर किसी बड़े सदमे से कम नहीं थी। बुधवार को जब ध्रुव का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, तो अपने जवान बेटे की अंतिम झलक पाने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे।


राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई

गांव में ध्रुव का अंतिम संस्कार बेहद गमगीन माहौल में किया गया। अंतिम विदाई के दौरान सेना के अधिकारी भी मौजूद रहे और जवान को राजकीय सम्मान दिया गया। ग्रामीणों ने ध्रुव को श्रद्धांजलि देते हुए उनके देशसेवा के जज्बे को याद किया। 22 साल की उम्र में दुनिया छोड़कर चले गए ध्रुव अपने पीछे परिवार के साथ-साथ गांव के लोगों के लिए भी ऐसी याद छोड़ गए हैं, जिसे वे लंबे समय तक नहीं भूल पाएंगे।