हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में आग लगने से छात्रों का प्रदर्शन
हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में आग की घटना
हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में छात्रों का प्रदर्शन: महेंद्रगढ़ स्थित हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के B.Tech ब्लॉक में एक क्लासरूम में एयर कंडीशनर (AC) के फटने से आग लग गई। यह घटना बुधवार रात को हुई। आग ने कक्षा में रखे डेस्क और कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को नुकसान पहुंचाया। अच्छी बात यह रही कि उस समय कक्षा में कोई छात्र नहीं था, जिससे जनहानि टल गई। हालांकि, इस घटना ने विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था और उपकरणों के रखरखाव को लेकर छात्रों में असंतोष पैदा कर दिया।
आग लगने की घटना का विवरण
बुधवार रात B.Tech ब्लॉक के एक कमरे से अचानक तेज आवाज आई और धुआं उठने लगा। सुरक्षा गार्ड ने तुरंत आग बुझाने का प्रयास किया और दमकल विभाग को सूचित किया। आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन क्लासरूम के डेस्क और कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जलकर नष्ट हो गए। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।
छात्रों का प्रदर्शन
इस घटना के बाद, छात्रों ने विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था और उपकरणों के रखरखाव पर सवाल उठाते हुए गुरुवार शाम गेट नंबर-2 को बंद कर दिया। NSUI के प्रतिनिधियों और छात्र नेताओं के नेतृत्व में विद्यार्थियों ने लगभग ढाई घंटे तक धरना दिया और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन में NSUI के पूर्व प्रदेश महासचिव सुनील कमानिया, इकाई अध्यक्ष धीरज यादव, उत्तम सिंह राजपूत और अन्य छात्र शामिल हुए। छात्रों का आरोप था कि इतनी गंभीर घटना के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन का कोई वरिष्ठ अधिकारी उनसे बातचीत करने नहीं आया।
सुरक्षा जांच की मांग
छात्रों ने विश्वविद्यालय के क्लासरूम, प्रयोगशालाओं और हॉस्टलों में लगे AC और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सुरक्षा जांच कराने की मांग की। उनका कहना था कि यदि यह घटना कक्षा के दौरान होती, तो विद्यार्थियों की जान खतरे में पड़ सकती थी। छात्रों ने घटना की पारदर्शी जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की भी मांग की।
पुलिस की कार्रवाई
गेट नंबर-2 पर प्रदर्शन और मुख्य मार्ग बाधित होने की सूचना मिलने पर अकोदा पुलिस चौकी की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने छात्रों से बातचीत कर स्थिति को सामान्य करने का प्रयास किया। इसके बाद विद्यार्थियों को कुलपति से मुलाकात कराने का आश्वासन दिया गया, जिसके बाद उन्होंने प्रदर्शन समाप्त कर दिया। इस घटना ने विश्वविद्यालय परिसर में अग्नि सुरक्षा और उपकरणों के नियमित रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रों की मांग है कि सभी संबंधित उपकरणों की जांच कराई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
