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हरियाणा में अवैध कारतूस सप्लाई रैकेट का भंडाफोड़, 25 हजार कारतूस बरामद

हरियाणा के झज्जर जिले में रोहतक STF ने एक अवैध कारतूस सप्लाई रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए 25,000 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इस कार्रवाई में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें एक गनहाउस संचालक भी शामिल है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में कारतूस कहां से आई और किसे भेजी जानी थी। जांच में बिहार का कनेक्शन भी सामने आया है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और पुलिस की कार्रवाई के बारे में।
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हरियाणा में अवैध हथियारों की सप्लाई का खुलासा


हरियाणा में अवैध कारतूस सप्लाई रैकेट का भंडाफोड़: झज्जर जिले में रोहतक STF ने एक अंतरराज्यीय अवैध कारतूस सप्लाई नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 25,000 जिंदा कारतूस जब्त किए हैं। बिहार पुलिस से मिली जानकारी के आधार पर, मंगलवार को रोहद टोल प्लाजा के निकट दो वाहनों की तलाशी के दौरान उत्तर प्रदेश के पांच व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में सिरसा के महक गन हाउस के संचालक विजय गोयल का नाम सामने आया, जिसके बाद उसे भी गिरफ्तार किया गया। कुल मिलाकर छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों से आठ मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में कारतूस कहां से आई और इन्हें किसे भेजा जाना था।


रोहद टोल प्लाजा पर 25,000 कारतूस की बरामदगी

रोहतक STF ने बिहार पुलिस से मिली सूचना के आधार पर झज्जर जिले के रोहद गांव में त्रिवेणी ढाबे के पास कार्रवाई की। यहां टाटा हैरियर और हुंडई ऑरा कार की तलाशी के दौरान सीटों के नीचे छिपाए गए विशेष चेंबर से 25,000 जिंदा कारतूस बरामद हुए। पुलिस के अनुसार, एक वाहन से 24,400 और दूसरे से 600 कारतूस मिले। दोनों वाहनों में सवार लोग कारतूसों से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा सके, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और दोनों वाहन जब्त कर लिए गए।


बदायूं के गनहाउस मालिक समेत पांच आरोपी गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में बदायूं निवासी अफीफुद्दीन उर्फ मुन्ना खान (49), आसिम रईस (33), सबलू खान (32), अरबाज अली (27) और जीनत (33) शामिल हैं। अफीफुद्दीन को बदायूं के गनहाउस संचालक के रूप में पहचाना गया है। उसके साथ पकड़ी गई जीनत और अन्य तीन आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने कारतूस सिरसा के महक गन हाउस से खरीदे थे। इसके बाद पुलिस ने गनहाउस संचालक विजय गोयल को भी गिरफ्तार कर लिया।


सिरसा के व्यापारी से बिहार के नेटवर्क तक जांच

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि महक गन हाउस तक इतनी बड़ी मात्रा में कारतूस कैसे पहुंची और उनकी बिक्री किन दस्तावेजों के आधार पर की गई। इस मामले में बिहार का कनेक्शन भी सामने आया है। हरियाणा STF ने बिहार पुलिस से मिली सूचना के आधार पर कार्रवाई की थी। इससे पहले बिहार के भोजपुर में लगभग 19,200 कारतूस बरामद होने और लल्टू कुमार समेत तीन लोगों की गिरफ्तारी की खबर आई थी। जांच एजेंसियां दोनों मामलों के बीच संभावित संबंधों और कारतूसों की सप्लाई के स्रोत का पता लगाने में जुटी हैं।


आठ मोबाइल फोन से खुल सकते हैं नेटवर्क के राज

इस मामले में पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि 25,000 कारतूसों की खेप किसे पहुंचाई जानी थी और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं। जांच टीम आठ जब्त मोबाइल फोन के जरिए आरोपियों के संपर्कों, लेन-देन और संभावित सप्लाई नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। इसके अलावा, पुलिस यह भी पता लगा रही है कि क्या बिहार में पकड़ी गई कारतूसों की खेप और हरियाणा में बरामद कारतूसों के बीच कोई सीधा संबंध है। फिलहाल, छह आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ से अंतरराज्यीय नेटवर्क के अन्य सदस्यों और कारतूसों के स्रोत का पता चल सकेगा।