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हरियाणा में दूध की आपूर्ति पर हड़ताल: किसानों की मांगें

हरियाणा में 1 से 3 अक्टूबर तक दूध की आपूर्ति पर हड़ताल होने जा रही है, जिससे आम जनता को दूध की गंभीर कमी का सामना करना पड़ सकता है। किसानों ने उचित दाम न मिलने के कारण सप्लाई रोकने का निर्णय लिया है। इस आंदोलन के दौरान कई सख्त नियम लागू किए गए हैं, जिनमें दूध बेचने पर जुर्माना और दूध ले जाने वाले वाहनों की जब्ती शामिल है। जानिए इस हड़ताल का दूध उत्पादन और सप्लाई चेन पर क्या असर पड़ेगा।
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हरियाणा में दूध की किल्लत का सामना

हरियाणा दूध आपूर्ति हड़ताल: 1 से 3 अक्टूबर के बीच हरियाणा में आम जनता को दूध की गंभीर कमी का सामना करना पड़ सकता है। सिरसा जिले में किसानों और पशुपालकों ने दूध के उचित दाम न मिलने के कारण सप्लाई पूरी तरह रोकने का निर्णय लिया है।


इस तीन दिवसीय आंदोलन के दौरान न केवल हरियाणा में वितरण रोका जाएगा, बल्कि पंजाब और राजस्थान की ओर जाने वाली सप्लाई भी बंद रहेगी। सिरसा में डेयरी व्यवसायियों ने भी इस हड़ताल का समर्थन किया है, जिससे रोहतक, हिसार, जींद और दिल्ली-एनसीआर के क्षेत्रों में सप्लाई चेन प्रभावित होने का खतरा है।


हड़ताल के नियम और प्रावधान

हड़ताल के दौरान क्या नियम तय किए गए?


सिरसा में हुई बैठक में आंदोलन को प्रभावी बनाने के लिए कई कठोर निर्णय लिए गए हैं। यदि कोई व्यक्ति 1 से 3 अक्टूबर के बीच दूध बेचते हुए पकड़ा गया, तो उस पर 51 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। दूध ले जाने वाले वाहनों को भी जब्त किया जाएगा और पकड़े गए दूध को गरीब बस्तियों में मुफ्त बांटने का निर्णय लिया गया है।


आंदोलनकारियों ने वीटा, वेरका, सरस और अमूल जैसी प्रमुख कंपनियों से अनुरोध किया है कि वे गांवों में अपनी संग्रहण गाड़ियां न भेजें। आंदोलन की निगरानी के लिए सिरसा में एक जिला कमेटी का गठन किया गया है, जो गांव-गांव जाकर पशुपालकों को एकजुट कर रही है।


दूध उत्पादन की लागत में वृद्धि

दूध उत्पादन की लागत क्यों बढ़ रही है?


पशुपालकों का कहना है कि चारे और दाने की कीमतों में भारी वृद्धि ने डेयरी व्यवसाय को घाटे में डाल दिया है। बाजार में सूखा चारा 1000 से 1100 रुपए प्रति क्विंटल, पशु आहार 2600 से 2800 रुपए और बिनौले का 48-49 किलो का बैग 2900 से 3200 रुपए में बिक रहा है। एक दुधारू पशु के दैनिक भरण-पोषण पर औसतन 400 से 500 रुपए का खर्च आ रहा है।


पशुपालक जसबीर सिंह भाटी, मैक्स साहुवाला और गुरी सेखों ने बताया कि सरकार द्वारा हाल ही में बढ़ाई गई 5 रुपए प्रति लीटर की दर मौजूदा महंगाई के मुकाबले अपर्याप्त है, जिसमें भैंस का दूध 85 रुपए और गाय का दूध 72 रुपए प्रति लीटर निर्धारित किया गया है।


प्लांट और सप्लाई चेन पर प्रभाव

प्लांट और सप्लाई चेन पर क्या असर पड़ेगा?


हरियाणा में प्रतिदिन 3.4 से 3.5 करोड़ लीटर दूध का उत्पादन होता है, जिसमें से 50 से 60 लाख लीटर संगठित डेयरी नेटवर्क तक पहुंचता है। अमूल का धारूहेड़ा प्लांट प्रतिदिन 30 लाख लीटर दूध प्रोसेस करता है, जबकि वीटा के रोहतक प्लांट की क्षमता 4.5 लाख लीटर प्रतिदिन है।


जींद, अंबाला, सिरसा, और बल्लभगढ़ के सरकारी प्लांट और मदर डेयरी, लक्ष्य डेयरी, नमस्ते इंडिया, नेस्ले जैसी निजी कंपनियों की व्यवस्था भी इस हड़ताल से प्रभावित हो सकती है। सिरसा वीटा प्लांट के अधिकारियों का कहना है कि यदि प्लांट में कच्चा दूध नहीं पहुंचा तो वे पाउडर के जरिए आपूर्ति बनाए रखने का प्रयास करेंगे। दूसरी ओर, सिरसा की स्थानीय जयदेव डेयरी ने 1 अक्टूबर से गाय का दूध 55 से 60 रुपए और भैंस का दूध 75 से 80 रुपए प्रति लीटर करने की नई रेट लिस्ट जारी की है। #HaryanaNews #MilkStrike #FarmersProtest