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हरियाणा में प्रवासी मजदूरों के साथ ज्यादती का मामला, प्रशासन ने शुरू की जांच

हरियाणा के झज्जर जिले में प्रवासी मजदूरों के साथ कथित ज्यादती का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक दबंग परिवार ने मजदूरों को चोरी के आरोप में कमरे में बंद कर पीटा। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के बाद प्रशासन ने मामले की गंभीरता को समझते हुए जांच शुरू की है। पीड़ितों ने पुलिसकर्मी पर भी दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है। जानें इस मामले में आगे क्या हुआ और प्रशासन की कार्रवाई के बारे में।
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हरियाणा में प्रवासी मजदूरों पर ज्यादती का आरोप


हरियाणा समाचार: झज्जर जिले के बादली थाना क्षेत्र के मुंडा खेड़ा गांव में प्रवासी श्रमिकों के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक स्थानीय दबंग परिवार ने इन श्रमिकों पर चोरी का आरोप लगाते हुए उन्हें कमरे में बंद कर दिया और फिर लाठी-डंडों से उनकी पिटाई की। इसके बाद, उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया। पीड़ितों ने एक पुलिसकर्मी पर भी दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है।


सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन की कार्रवाई

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आया। वीडियो में पीड़ित पक्ष गंभीर आरोप लगाते हुए दिखाई दे रहा है। वीडियो के प्रकाश में आने के बाद पुलिस प्रशासन सक्रिय हुआ और मामले की जानकारी लेने के लिए वरिष्ठ अधिकारी बादली थाने पहुंचे।


पुलिसकर्मी पर गंभीर आरोप

वायरल वीडियो में पीड़ित श्रमिकों ने बादली थाने में तैनात एक पुलिसकर्मी पर भी दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पुलिसकर्मी ने उनके साथ बुरा व्यवहार किया और जातिसूचक गालियां दीं। इसके अलावा, परिवार और पुलिसकर्मी पर थूक चटवाने का भी आरोप लगाया गया है।


जांच की प्रक्रिया शुरू

आरोपों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि थूक चटवाने, जातिसूचक शब्दों के उपयोग और पुलिसकर्मी की कथित भूमिका संबंधी आरोप पीड़ित पक्ष की शिकायत और वायरल वीडियो में लगाए गए हैं। इनकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी।


डीसीपी और एसीपी ने की मामले की जांच

मामला सामने आने के बाद बहादुरगढ़ के डीसीपी मयंक मिश्रा और एसीपी प्रदीप खत्री बादली थाने पहुंचे। अधिकारियों ने मामले की जानकारी ली और पीड़ित पक्ष के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए जांच की प्रक्रिया शुरू की। रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ितों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। डीसीपी मयंक मिश्रा ने कहा कि शिकायतकर्ता को उच्च अधिकारियों के समक्ष अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।