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हरियाणा में प्रॉपर्टी आईडी शिकायतों पर सीएम का कड़ा रुख

हरियाणा के मुख्यमंत्री ने प्रॉपर्टी आईडी से जुड़ी शिकायतों पर अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि यदि कोई मामला मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचा, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्थानीय स्तर पर समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए निर्देश दिए हैं और प्रॉपर्टी आईडी की मंजूरी की स्थिति की समीक्षा की। जानें इस मामले में क्या कदम उठाए जा रहे हैं और नागरिकों को क्या राहत मिलेगी।
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मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दी चेतावनी


प्रॉपर्टी आईडी से संबंधित मामलों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी


चंडीगढ़: हरियाणा सरकार नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी लापरवाही के लिए उन्हें सीधे जिम्मेदार ठहराया जाएगा।


हाल ही में प्रॉपर्टी आईडी से जुड़ी शिकायतों की संख्या में वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यदि कोई मामला मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचा, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जाएगी।


समस्याओं का त्वरित समाधान

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नागरिकों को शिकायतें लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय तक न आना पड़े और सभी मुद्दों का समाधान स्थानीय स्तर पर समय पर किया जाए। उन्होंने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रॉपर्टी आईडी से संबंधित मंजूरी, विभाजन, आपत्तियों, आधार लिंकिंग और पुरानी रजिस्ट्रियों के मामलों को नई नीति के तहत तेजी से सुलझाने के लिए कहा।


चंडीगढ़ में शहरी स्थानीय निकाय, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग और राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में, मुख्यमंत्री ने तकनीकी और प्रशासनिक बाधाओं के समाधान के लिए नियमित समन्वय बैठकें आयोजित करने का निर्देश दिया। उनका उद्देश्य सिस्टम को व्यवस्थित करना है ताकि नागरिकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़े।


प्रॉपर्टी आईडी की मंजूरी की स्थिति

बैठक में बताया गया कि 4,42,570 संपत्तियों में से 2,79,658 प्रॉपर्टी आईडी को मंजूरी मिल चुकी है। शेष आईडी के कार्य को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाजन के लिए प्रस्तावित 63,878 प्रॉपर्टी आईडी में से 36,545 को मंजूरी दी गई है। प्रदेश में 50,50,072 संपत्तियों में से स्थानीय निकायों से संबंधित 19,403 आपत्तियां लंबित हैं, जिनका शीघ्र निस्तारण करने का निर्देश दिया गया है।