Newzfatafatlogo

हरियाणा में प्रॉपर्टी टैक्स नियमों में बदलाव: नई प्रणाली से होगा असर

हरियाणा सरकार ने प्रॉपर्टी टैक्स प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, जिससे संपत्ति का टैक्स अब उसके उपयोग के आधार पर तय होगा। नई नीति में विभिन्न प्रकार की संपत्तियों के लिए अलग-अलग टैक्स प्रोफाइल बनाए जाएंगे। इससे एक ही कॉलोनी में समान आकार की संपत्तियों का टैक्स भी भिन्न हो सकता है। जानें इस नई व्यवस्था का प्रभाव और क्या सभी का टैक्स बढ़ेगा।
 | 

हरियाणा में प्रॉपर्टी टैक्स नियमों में बदलाव


हरियाणा में प्रॉपर्टी टैक्स नियमों में बदलाव: हरियाणा सरकार ने प्रॉपर्टी टैक्स प्रणाली में महत्वपूर्ण परिवर्तन करने का निर्णय लिया है। अब 13 साल पुरानी प्रणाली को नए नियमों के साथ अपडेट किया गया है। अब संपत्ति का टैक्स केवल उसके आकार या क्षेत्रफल के आधार पर नहीं, बल्कि उसके उपयोग के उद्देश्य पर निर्भर करेगा। यदि एक मकान केवल निवास के लिए है और दूसरा मकान पीजी, क्लीनिक, दुकान या अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए है, तो दोनों का टैक्स अलग-अलग होगा। सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था का उद्देश्य कर प्रणाली को अधिक पारदर्शी और न्यायसंगत बनाना है।


एक जैसी संपत्ति पर एक जैसा टैक्स खत्म?

अब तक समान आकार और श्रेणी की संपत्तियों पर लगभग समान टैक्स लगाया जाता था। लेकिन नई अधिसूचना के अनुसार, टैक्स अब संपत्ति के वास्तविक उपयोग, क्षेत्र के कलेक्टर रेट और संपत्ति की कैपिटल वैल्यू के आधार पर तय होगा। इससे एक ही कॉलोनी में समान आकार के मकानों का टैक्स भी भिन्न हो सकता है।


हर संपत्ति का अलग टैक्स प्रोफाइल

नई नीति की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि सरकार ने संपत्तियों का विस्तृत वर्गीकरण किया है। अब केवल रेजिडेंशियल और कमर्शियल श्रेणियां नहीं रहेंगी, बल्कि विभिन्न प्रकार की संपत्तियों के लिए अलग गुणांक निर्धारित किए गए हैं। इनमें पीजी, होटल, निजी अस्पताल, बैंक, कोचिंग सेंटर, गोदाम, औद्योगिक इकाइयां, और अन्य शामिल हैं।


इन शहरों में होगा सबसे ज्यादा असर

नई व्यवस्था का सबसे अधिक प्रभाव उन शहरों में देखने को मिलेगा जहां रेजिडेंशियल बिल्डिंग का कमर्शियल उपयोग हो रहा है। गुरुग्राम और मानेसर में हजारों फ्लैट पीजी और किराये के आवास के रूप में उपयोग हो रहे हैं। फरीदाबाद में औद्योगिक इकाइयों और फैक्ट्रियों की संख्या भी अधिक है।


क्या सभी का टैक्स बढ़ेगा?

नई अधिसूचना का मतलब यह नहीं है कि हर किसी का प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन संपत्तियों का उपयोग आय अर्जित करने के लिए किया जा रहा है, उन पर कर भार बढ़ सकता है। वहीं, आवासीय उपयोग वाले छोटे मकानों के मालिकों को राहत देने के लिए कई प्रावधान किए गए हैं।


गलत जानकारी पर होगी सख्त कार्रवाई

नई व्यवस्था के साथ निगरानी को और सख्त किया गया है। यदि कोई संपत्ति मालिक अपने भवन के वास्तविक उपयोग की जानकारी छिपाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे मामलों में टैक्स का दोगुना जुर्माना और अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।