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हरियाणा में फसल विविधीकरण योजना: किसानों को मिलेगा 10,000 रुपये प्रति एकड़

हरियाणा सरकार ने किसानों को धान की जगह कम पानी वाली फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करने के लिए 'मेरा पानी-मेरी विरासत' योजना शुरू की है। इस योजना के तहत, किसानों को 10,000 रुपये प्रति एकड़ तक की प्रोत्साहन राशि और दाल तथा तिलहन पर 2,000 रुपये का बोनस मिलेगा। योजना का उद्देश्य जल संरक्षण और कृषि विविधीकरण को बढ़ावा देना है। जानें इस योजना के तहत कौन-कौन सी फसलें उगाई जा सकती हैं और किस प्रकार के किसान इसका लाभ उठा सकते हैं।
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हरियाणा फसल विविधीकरण योजना


हरियाणा में जल स्तर में गिरावट को देखते हुए, राज्य सरकार ने किसानों को कम पानी वाली फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करने के लिए 'मेरा पानी-मेरी विरासत' योजना शुरू की है। इस योजना का उद्देश्य किसानों को धान की जगह ऐसी फसलें उगाने के लिए प्रेरित करना है, जिनमें पानी की आवश्यकता कम होती है। खरीफ 2026 में धान की जगह वैकल्पिक फसलें अपनाने वाले किसानों को 8,000 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।


प्रोत्साहन राशि में वृद्धि

नई योजना के तहत, 'मेरा पानी-मेरी विरासत' में धान की जगह वैकल्पिक फसलें अपनाने वाले किसानों को पांच वर्षों में बढ़ती हुई प्रोत्साहन राशि मिलेगी। पहले वर्ष में 8,000 रुपये, दूसरे वर्ष में 8,300 रुपये, तीसरे वर्ष में 8,800 रुपये, चौथे वर्ष में 9,400 रुपये और पांचवें वर्ष में 10,000 रुपये प्रति एकड़ दिए जाएंगे।


दाल, तिलहन और कपास पर बोनस

धान की जगह दालें, तिलहन और कपास उगाने वाले किसानों को अतिरिक्त 2,000 रुपये प्रति एकड़ का बोनस भी मिलेगा। हरियाणा के 2026-27 बजट में इस बोनस का उल्लेख किया गया है, जिसका उद्देश्य किसानों को कम पानी वाली फसलों की ओर आकर्षित करना है।


उपयुक्त फसलें

किसान धान की जगह कई वैकल्पिक फसलें जैसे मक्का, कपास, खरीफ दलहन, खरीफ तिलहन, चारा फसलें, प्याज, सब्जियां और बागवानी फसलें उगा सकते हैं। इसके अलावा, किसान अपने खेत को खाली भी छोड़ सकते हैं और योजना की शर्तें पूरी करने पर प्रोत्साहन का लाभ ले सकते हैं।


योजना का लाभ कौन उठा सकता है?

यह योजना उन किसानों के लिए है, जो पहले धान की खेती करते थे। पिछले साल धान वाले खेत में वैकल्पिक फसल लगाने वाले किसानों को 8,000 रुपये प्रति एकड़ की सहायता मिलेगी। पंजीकरण के दौरान सही जानकारी देना आवश्यक है।


धान की सीधी बिजाई पर प्रोत्साहन

जो किसान धान की खेती करना चाहते हैं, उनके लिए सरकार डायरेक्ट सीडेड राइस (DSR) तकनीक को अपनाने के लिए 4,500 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि दे रही है।


DSR मशीन पर सब्सिडी

DSR तकनीक को बढ़ावा देने के लिए किसानों को मशीन खरीदने पर 50% या अधिकतम 40,000 रुपये की सब्सिडी दी जाएगी।