हरियाणा में मानसून की वापसी: बारिश की उम्मीद
अगस्त में बारिश की कमी की भरपाई
जून और जुलाई में बारिश की कमी का असर
चंडीगढ़ से मिली जानकारी के अनुसार, हरियाणा में इस वर्ष मानसून के दौरान जून और जुलाई में बारिश की मात्रा अपेक्षाकृत कम रही। इस कमी के कारण राज्य में बारिश की स्थिति गंभीर बनी रही। लेकिन अगस्त में, मौसम ने अपना मिजाज बदला है और अच्छी बारिश की संभावना जताई जा रही है। वर्तमान में, हरियाणा में सामान्य से केवल 9 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई है। भारतीय मौसम विभाग द्वारा जारी बुलेटिन में राहत की खबर दी गई है।
मानसून की गतिविधियों में वृद्धि
हाल के दिनों में सुस्त पड़े मानसून के फिर से सक्रिय होने की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुसार, आज रात से हरियाणा में मानसूनी गतिविधियों में वृद्धि हो सकती है। 15 अगस्त तक, राज्य के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है।
विभाग ने बताया कि मानसून की गतिविधियों में कमी के कारण बारिश की मात्रा कम हो रही है।
मानसून टर्फ का उत्तर की ओर खिसकना
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आज मानसून टर्फ की अक्षय रेखा उत्तर की ओर खिसकने और राजस्थान के ऊपर चक्रवातीय परिसंचरण बनने से हरियाणा में मानसूनी गतिविधियों में वृद्धि होगी। इसके परिणामस्वरूप कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है, जबकि कुछ स्थानों पर तेज बारिश भी हो सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार, आज रात से 15 अगस्त के बीच राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहेंगे। इस दौरान गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियाँ देखने को मिल सकती हैं।
तापमान में बदलाव
कुछ स्थानों पर तेज बारिश की संभावना है। बादलों की मौजूदगी के कारण दिन के तापमान में मामूली गिरावट आएगी, जबकि रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है। मौसम विभाग ने बताया कि अगले कुछ दिनों में बादल और बारिश का प्रभाव दिन के तापमान पर दिखाई देगा। तेज धूप से बढ़े पारे में गिरावट आने की संभावना है।
