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हरियाणा में लिंग परीक्षण के मामलों में चिंताजनक वृद्धि

हरियाणा में लिंग परीक्षण के मामलों में चिंताजनक वृद्धि हो रही है, जहां हरियाणा अकेले देश के आधे से अधिक मामलों का जिम्मेदार है। हाल की रिपोर्टों से पता चलता है कि यह अवैध कारोबार अब उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, हरियाणा में जन्म के समय लिंगानुपात में गिरावट आई है, जो इस समस्या की गंभीरता को दर्शाता है। जानें इस मुद्दे के पीछे के कारण और इसके प्रभाव।
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लिंग परीक्षण का काला कारोबार जारी

नई दिल्ली: बेटियों की हत्या की घिनौनी साजिशें अभी भी जारी हैं। हाल ही में संसद में पेश की गई एक रिपोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि हरियाणा में लिंग परीक्षण का अवैध कारोबार अभी भी सक्रिय है। हरियाणा में औसतन हर छठे दिन भ्रूण के लिंग की जांच करने वाले रैकेट का खुलासा हो रहा है, जो सरकारी दावों और वास्तविकता के बीच की खाई को उजागर करता है।


हरियाणा का लिंग परीक्षण में सबसे बड़ा योगदान

देश के आधे से ज्यादा मामले हरियाणा से


राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ ब्रायन के सवाल के जवाब में केंद्र सरकार ने जो आंकड़े साझा किए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में देशभर में लिंग परीक्षण के 83 मामले सामने आए, जिनमें से 64 मामले हरियाणा से थे। 2023 से 2025 के बीच, कुल 184 मामले दर्ज हुए, जिनमें से 106 यानी लगभग 57.6 प्रतिशत हरियाणा में थे। इस सूची में गुजरात 28 मामलों के साथ दूसरे और राजस्थान 11 मामलों के साथ तीसरे स्थान पर है।


उत्तर प्रदेश में लिंग परीक्षण का नया केंद्र

यूपी बन रहा है लिंग परीक्षण का नया सुरक्षित अड्डा


हरियाणा पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी के कारण यह अवैध धंधा अब उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने यूपी प्रशासन को पत्र लिखकर सीमावर्ती जिलों में छापेमारी के लिए पुलिस सहायता मांगी है। जनवरी 2024 से मार्च 2026 के बीच हरियाणा सरकार ने 84 छापे मारे, जिनमें से 37 उत्तर प्रदेश में थे। उदाहरण के लिए, 27 मई को अमरोहा में एक घर पर छापा मारकर सात लोगों को गिरफ्तार किया गया था।


लिंगानुपात में गिरावट और कन्या भ्रूण हत्या के आंकड़े

गिरता लिंगानुपात और कन्या भ्रूण हत्या के चिंताजनक आंकड़े


‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ कार्यक्रम के पूर्व प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर जीएल सिंघल का कहना है कि हरियाणा में निगरानी बढ़ी है, फिर भी जन्म के समय लिंगानुपात में गिरावट आ रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा में प्रति 1,000 लड़कों पर 891 लड़कियां हैं, जो देश में चौथा सबसे खराब आंकड़ा है। 2025 में लिंगानुपात 923 था, जो 2026 के पहले छह महीनों में गिरकर 900 पर आ गया है।