हरियाणा सरकार की नई OTS योजना: बकाया कर निपटान का सुनहरा अवसर
हरियाणा सरकार ने विपणन करदाताओं के लिए एक वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य बकाया कर राशि का निपटान करना है। यह योजना 28 सितंबर 2026 तक लागू रहेगी। पिछले वर्ष की सफल योजना के बाद, सरकार ने फिर से व्यापारियों को लाभ पहुंचाने के लिए यह पहल की है। इस योजना में विशेष छूट और किस्तों में भुगतान की सुविधा भी शामिल है। जानें इस योजना के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में।
| Jul 20, 2026, 18:40 IST
हरियाणा सरकार की OTS योजना का विवरण
हरियाणा सरकार ने विपणन करदाताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए बकाया कर राशि के निपटान के लिए एक वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना की शुरुआत की है। इस योजना की अंतिम तिथि 28 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि 2025 में छोटे व्यापारियों को लाभ पहुंचाने के लिए शुरू की गई एकमुश्त निपटान योजना को व्यापारियों ने बहुत सराहा, जिसमें 115223 व्यापारियों ने भाग लिया।
योजना की सफलता और नई पहल
इस योजना की अभूतपूर्व सफलता को देखते हुए सरकार ने एक बार फिर निपटान योजना लाने का निर्णय लिया है, जिससे पुराने बकायों का निपटारा किया जा सके और अदालतों में लंबित मामलों का समाधान हो सके। जीएसटी में कम से कम बकाया राशियों के साथ आगे बढ़ने का प्रयास किया जाएगा ताकि जीएसटी संग्रह को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया जा सके।
योजना की विशेषताएँ
उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त प्रीति चौधरी ने जानकारी दी कि सरकार ने 1 जून 2026 से 120 दिनों के लिए एकमुश्त निपटान योजना शुरू की है। इस योजना के तहत सात कराधान अधिनियमों के अंतर्गत बकाया राशि के निपटान का प्रावधान है। यदि किसी करदाता पर एक वर्ष में 1 लाख रुपये तक का कर बकाया है, तो उसे इस योजना में आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है।
विशेष छूट का प्रावधान
हरियाणा सामान्य बिक्री कर अधिनियम, 1973 के तहत बकाया राशि के निपटान के लिए विशेष छूट उपलब्ध है। इस अधिनियम को 1 अप्रैल, 2003 से हरियाणा मूल्य वर्धित कर अधिनियम, 2003 के लागू होने के साथ समाप्त कर दिया गया था। 1 लाख से अधिक कर बकाया वाले मामलों में 70 प्रतिशत की छूट दी जा रही है।
नए प्रावधान और लाभ
प्रीति चौधरी ने बताया कि कई बकाया राशि वैधानिक प्रपत्रों के न जमा करने के कारण हैं। यदि कोई व्यक्ति अब ऐसे प्रपत्र प्रस्तुत करता है, तो उसके कर की मांग उन प्रपत्रों के प्रस्तुत करने से प्राप्त होने वाली छूट की राशि से घटा दी जाएगी। यह लाभ उन फर्जी फर्मों को नहीं मिलेगा जिनके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही चल रही है।
किस्तों में भुगतान की सुविधा
इस योजना के तहत निपटान की राशि का भुगतान किस्तों में करने की सुविधा भी दी गई है। पांच लाख रुपये तक के निपटान के लिए कोई किस्त नहीं होगी, जबकि पांच लाख से अधिक और पच्चीस लाख रुपये तक के लिए दो समान किस्तें होंगी। पच्चीस लाख रुपये से अधिक के निपटान के लिए तीन किस्तें होंगी।
