हरियाणा सरकार ने पराली जलाने पर रोक लगाने के लिए नई योजना बनाई
पराली सुरक्षा बल की तैनाती
हरियाणा सरकार ने फसलों के अवशेष जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए जिला और प्रखंड स्तर पर 'पराली सुरक्षा बल' की स्थापना करने का निर्णय लिया है। इस बल में पुलिसकर्मी, प्रशासनिक अधिकारी, और कृषि से जुड़े अन्य विभागों के अधिकारी शामिल होंगे। अधिकारियों ने बताया कि यह कदम सर्दियों में बढ़ते प्रदूषण के मद्देनजर उठाया जा रहा है।
गश्त और ड्रोन का उपयोग
हरियाणा सरकार खेतों में पराली जलाने की घटनाओं पर नजर रखने के लिए शाम की गश्त को तेज करने के साथ-साथ ड्रोन तकनीक का भी सहारा लेगी। इसके अतिरिक्त, फसल अवशेष प्रबंधन मशीनरी के बेहतर उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए किसानों को 1,200 रुपये प्रति एकड़ की सहायता राशि दी जाएगी।
धान की खरीद का आगाज़
राज्य में धान की खरीद भी जल्द शुरू
हरियाणा सरकार के अधिकारियों के अनुसार, ये उपाय धान की कटाई के मौसम से पहले पराली जलाने की समस्या को समाप्त करने के लिए राज्य की योजना का हिस्सा हैं। राज्य में धान की खरीद प्रक्रिया भी शीघ्र शुरू होने वाली है।
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के कारण
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण बढ़ने के कारण?
दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण के बढ़ने के मुख्य कारणों में पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाएं शामिल हैं। अक्टूबर-नवंबर में धान की कटाई और रबी फसल, विशेषकर गेहूं की बुवाई के बीच समय की कमी के कारण कई किसान खेतों को जल्दी साफ करने के लिए फसलों के अवशेष जलाते हैं।
मुख्य सचिव की समीक्षा
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने बृहस्पतिवार को पराली जलाने की समस्या को समाप्त करने के लिए राज्य की कार्ययोजना और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की।
