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हरियाणा स्कूल में 6 वर्षीय बच्ची पर हमले की घटना पर बाल अधिकार आयोग की कार्रवाई

हरियाणा के पंचकूला में एक स्कूल में 6 वर्षीय बच्ची पर नाबालिग छात्र द्वारा किए गए हमले के मामले में बाल अधिकार आयोग ने सख्त कदम उठाया है। आयोग ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी किया है और स्कूल में बच्चों की सुरक्षा की जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी स्थिति स्थिर बताई गई है। आयोग ने बच्ची के मानसिक स्वास्थ्य पर भी चिंता जताई है और आवश्यक सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है।
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हरियाणा समाचार:

पंचकूला के एक विद्यालय में 6 साल की एक बच्ची पर एक नाबालिग छात्र द्वारा किए गए हमले के मामले में हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने सख्त कदम उठाया है। आयोग ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को नोटिस जारी किया है और विस्तृत रिपोर्ट की मांग की है। इसके साथ ही, आयोग ने स्कूल में बच्चों की सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही की जांच भी शुरू कर दी है।


घटना का विवरण

आयोग के अनुसार, यह घटना 28 अक्टूबर को हुई थी। आरोप है कि एक अन्य नाबालिग छात्र ने स्कूल के परिसर में 6 वर्षीय बच्ची पर ईंट, पत्थर और गमले से हमला किया। इस हमले में बच्ची को गंभीर चोटें आईं और वह बेहोश हो गई। उसे पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया, फिर चंडीगढ़ के पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (पीजीआईएमईआर) में रेफर किया गया।


आयोग की अध्यक्ष का अस्पताल दौरा

आयोग की अध्यक्ष तृप्ति हरिपाल श्योराण ने 30 अक्टूबर को पीजीआई में जाकर बच्ची के माता-पिता से मुलाकात की और उसकी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में जानकारी ली। इस दौरान संबंधित वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (एसएमओ) ने बताया कि बच्ची की जान को खतरा नहीं है, लेकिन उसके चेहरे की हड्डियों में फ्रैक्चर और नाक में भी चोट आई है। बच्ची का इलाज जारी है।


मानसिक स्वास्थ्य पर चिंता

आयोग ने इस घटना के कारण बच्ची पर पड़ने वाले मानसिक और भावनात्मक प्रभावों को लेकर भी चिंता व्यक्त की है। आयोग ने बच्ची को आवश्यकतानुसार काउंसलिंग और अन्य सहायता प्रदान करने पर जोर दिया है। उनका कहना है कि इतनी छोटी उम्र में इस तरह की घटना से बच्ची के मन में लंबे समय तक डर और मानसिक तनाव रह सकता है। इसलिए, चिकित्सा उपचार के साथ-साथ उसकी मानसिक स्थिति पर भी ध्यान देना आवश्यक है।


सीसीटीवी फुटेज और ड्यूटी रोस्टर की मांग

आयोग ने 31 अक्टूबर को पंचकूला के जिला शिक्षा अधिकारी को स्वतः संज्ञान नोटिस जारी किया। इसमें घटना के समय स्कूल में निगरानी की व्यवस्था, ड्यूटी पर तैनात शिक्षकों और कर्मचारियों की संख्या की विस्तृत जानकारी मांगी गई है। आयोग ने स्कूल के सीसीटीवी फुटेज, कर्मचारियों के ड्यूटी रोस्टर, उपस्थिति रिकॉर्ड और घटना से संबंधित दस्तावेजों की भी मांग की है। आयोग अब यह जांच करेगा कि क्या घटना के समय बच्चों की सुरक्षा में कोई चूक हुई थी। रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।