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हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में नए नियम: शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड और तीन बार अटेंडेंस

हिमाचल प्रदेश के सरकारी CBSE स्कूलों में शिक्षकों के लिए नए नियम लागू होने जा रहे हैं। इनमें दिन में तीन बार अटेंडेंस लगाना और 1 अक्टूबर 2026 से ड्रेस कोड का पालन करना शामिल है। यह कदम स्कूलों में अनुशासन और जवाबदेही को बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है। शिक्षकों की डिजिटल उपस्थिति को उनके वेतन से भी जोड़ा जाएगा। जानें इस नई व्यवस्था के बारे में और क्या बदलाव होंगे।
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हिमाचल में शिक्षकों के लिए नए नियम


हिमाचल प्रदेश के CBSE स्कूलों में नए नियम: हिमाचल प्रदेश के सरकारी CBSE स्कूलों में शिक्षकों के लिए कई नए नियम लागू होने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया। प्रदेश के 150 सीबीएसई सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के लिए दिन में तीन बार अटेंडेंस लगाने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही, 1 अक्टूबर 2026 से शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड भी अनिवार्य किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इन परिवर्तनों का उद्देश्य स्कूलों में अनुशासन और जवाबदेही को बढ़ाना है।


अटेंडेंस और ड्रेस कोड की नई व्यवस्था

नई व्यवस्था के अनुसार, शिक्षकों को सुबह स्कूल पहुंचने के समय, लंच ब्रेक के दौरान और छुट्टी के समय अटेंडेंस लगानी होगी। मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को इस व्यवस्था के प्रभावी कार्यान्वयन के निर्देश दिए हैं। सरकार का मानना है कि इससे स्कूलों में उपस्थिति की निगरानी में सुधार होगा और कर्मचारियों की जवाबदेही बढ़ेगी।


शिक्षकों का वेतन अटेंडेंस से जुड़ेगा

तीन बार अटेंडेंस के साथ-साथ शिक्षकों की डिजिटल उपस्थिति को उनके वेतन से जोड़ने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। शिक्षा निदेशालय के निर्देशों के अनुसार, सितंबर 2026 से CBSE से जुड़े सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के वेतन बिल केवल तब तैयार किए जाएंगे जब उनकी उपस्थिति VSK यानी विद्या समीक्षा केंद्र के Swift Chat पोर्टल पर दर्ज हो। यदि कोई शिक्षक निर्धारित तरीके से अपनी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं करता है, तो उस अवधि की राशि अगले महीने के वेतन से काटी जा सकती है।


शिक्षकों की नियुक्ति और सुविधाएं

मुख्यमंत्री सुक्खू ने बताया कि राज्य के CBSE स्कूलों में पहले ही 1,200 शिक्षकों की नियुक्ति की जा चुकी है। भविष्य में आवश्यकता के अनुसार और शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। सरकार का ध्यान विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उनके निकटतम स्थान पर बेहतर शिक्षा प्रदान करने पर है। इसके लिए CBSE स्कूलों में शैक्षणिक और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की योजना बनाई गई है।