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हिमाचल प्रदेश में 24 उंगलियों के साथ जन्मा बच्चा: जानें पॉलीडैक्टिली के बारे में

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में एक बच्चे का जन्म 24 उंगलियों के साथ हुआ है, जो पॉलीडैक्टिली नामक एक दुर्लभ स्थिति का उदाहरण है। इस स्थिति में बच्चे के हाथों और पैरों में सामान्य से अधिक उंगलियां होती हैं। जानें पॉलीडैक्टिली के प्रकार, इसके इलाज की संभावनाएं और इससे जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण जानकारी।
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हिमाचल प्रदेश में अनोखा मामला

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के पालमपुर में एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां एक नवजात बच्चे के हाथों और पैरों में 24 उंगलियां हैं। इस बच्चे के दोनों हाथों और पैरों में 6-6 उंगलियां पाई गई हैं। इसी तरह का एक मामला इस साल की शुरुआत में मध्य प्रदेश के बैतूल से भी देखा गया था। चिकित्सा विज्ञान में इस स्थिति को पॉलीडैक्टिली (Polydactyly) कहा जाता है।


पॉलीडैक्टिली क्या है?

पॉलीडैक्टिली एक जन्मजात स्थिति है, जिसमें बच्चे के हाथ या पैरों में सामान्य पांच से अधिक उंगलियां होती हैं। यह स्थिति अपेक्षाकृत दुर्लभ मानी जाती है और लगभग 1,000 में से एक बच्चे में देखी जा सकती है। कई मामलों में, गर्भावस्था के दौरान अल्ट्रासाउंड के माध्यम से अतिरिक्त उंगलियों का पता लगाया जा सकता है, लेकिन इनका उपचार आमतौर पर बच्चे के जन्म के बाद किया जाता है।


पॉलीडैक्टिली के प्रकार

पॉलीडैक्टिली को मुख्य रूप से तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता है, जो इस बात पर निर्भर करता है कि अतिरिक्त उंगली हाथ या पैर के किस हिस्से में है।


1. प्रीएक्शियल पॉलीडैक्टिली: जब अंगूठे के पास अतिरिक्त उंगली होती है या पैर में अतिरिक्त अंगूठा होता है।


2. सेंट्रल पॉलीडैक्टिली: जब अंगूठे और सबसे छोटी उंगली के बीच अतिरिक्त उंगली होती है।


3. पोस्टएक्शियल पॉलीडैक्टिली: जब हाथ या पैर की सबसे छोटी उंगली के पास अतिरिक्त उंगली होती है। इसे हाथ में उलनर और पैर में फिब्यूलर पॉलीडैक्टिली भी कहा जाता है।


क्या पॉलीडैक्टिली का इलाज संभव है?

हां, पॉलीडैक्टिली का इलाज संभव है। यदि आवश्यक हो, तो सर्जरी के माध्यम से अतिरिक्त उंगली को हटाया जा सकता है। उपचार का तरीका अतिरिक्त उंगली की संरचना और हड्डियों से उसके जुड़ाव पर निर्भर करता है। सही उपचार के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लेना आवश्यक है।