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हिमाचल प्रदेश में नियमितीकरण नियमों में बदलाव: कर्मचारियों को मिलेगी राहत

हिमाचल प्रदेश में कॉन्ट्रैक्ट पर कार्यरत कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए सरकार ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ये बदलाव उन कर्मचारियों को राहत प्रदान करेंगे जो नियुक्ति आदेश के समय के कारण नियमितीकरण में पिछड़ जाते थे। नए प्रावधानों के अनुसार, यदि नियुक्ति आदेश मार्च या सितंबर के अंत में जारी होता है और कर्मचारी अगले महीने की शुरुआत में कार्यभार ग्रहण करता है, तो इस अवधि को नियमितीकरण की पात्रता में माफ किया जाएगा। जानें इस बदलाव के पीछे का कारण और इसके प्रभाव के बारे में।
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हिमाचल में नियमितीकरण नियमों में बदलाव


हिमाचल प्रदेश में नियमितीकरण नियमों में बदलाव: हिमाचल प्रदेश सरकार ने कॉन्ट्रैक्ट पर कार्यरत कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कार्मिक विभाग ने 28 सितंबर को उन मामलों के लिए नए निर्देश जारी किए हैं, जहां नियुक्ति आदेश मार्च या सितंबर के अंत में जारी होते हैं। इन नए प्रावधानों का उद्देश्य उन कर्मचारियों को राहत प्रदान करना है जो केवल जॉइनिंग की तारीख के आधार पर नियमितीकरण में पिछड़ जाते थे। यह आदेश 22 जुलाई 2025 को हाईकोर्ट के निर्णय के अनुपालन में जारी किया गया है।


नए प्रावधानों की जानकारी


नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, यदि किसी कर्मचारी को मार्च या सितंबर के अंतिम दिनों में नियुक्ति आदेश मिलता है और वह अगले महीने की शुरुआत में कार्यभार ग्रहण करता है, तो नियुक्ति आदेश और जॉइनिंग के बीच की अवधि को नियमितीकरण की पात्रता के लिए माफ किया जाएगा। इसका अर्थ है कि केवल इस कारण से कर्मचारी की नियमितीकरण की पात्रता प्रभावित नहीं होगी कि नियुक्ति आदेश महीने के अंत में जारी हुआ।


पहले के नियमों की जानकारी


हिमाचल सरकार ने 6 अप्रैल 2022 को जारी निर्देशों में मार्च और सितंबर के अंतिम कार्य दिवस से संबंधित एक विशेष प्रावधान रखा था। उस समय व्यवस्था यह थी कि यदि नियुक्ति आदेश अंतिम कार्य दिवस पर जारी हुआ और सरकारी अवकाश के कारण कर्मचारी कार्यभार नहीं संभाल सका, तो अवकाश की अवधि को नियमितीकरण के लिए माफ किया जा सकता था। 2022 के आदेश में यह भी कहा गया था कि ऐसी स्थिति में नियुक्ति आदेश की तारीख को नियमितीकरण के लिए कट-ऑफ तारीख माना जाएगा।


गणना की प्रक्रिया में बदलाव


नए सरकारी निर्देशों का मुख्य प्रभाव नियमितीकरण की पात्रता की गणना पर पड़ेगा। यदि कर्मचारी निर्धारित समय सीमा के भीतर सेवा में शामिल हो जाता है, तो नियुक्ति आदेश और वास्तविक जॉइनिंग के बीच की अवधि को नियमितीकरण के लिए माफ किया जाएगा। इससे उन कर्मचारियों को राहत मिलेगी जिन्हें महीने के अंतिम दिनों में नियुक्ति आदेश मिला था और वे निर्धारित जॉइनिंग अवधि के कारण अगले महीने की शुरुआत में सेवा में आए थे।