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हिमाचल प्रदेश में बारिश और भूस्खलन से 288 सड़कों का बंद होना, जनजीवन प्रभावित

हिमाचल प्रदेश में हालिया बारिश और भूस्खलन के कारण 288 सड़कों का बंद होना और बिजली तथा पेयजल आपूर्ति में बाधा आई है। मंडी जिला सबसे अधिक प्रभावित है, जहां सड़कों के बंद होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जानें इस स्थिति के बारे में और अधिक जानकारी।
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खराब मौसम का असर


खराब मौसम के चलते 122 बिजली ट्रांसफार्मर और 22 पेयजल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित, मंडी में सबसे ज्यादा बुरा हाल


हिमाचल प्रदेश में मानसून के दौरान बादल फटने, भारी बारिश और भूस्खलन के कारण जनजीवन पर गंभीर असर पड़ा है। सड़कों के बंद होने के साथ-साथ बिजली और पेयजल की आपूर्ति भी बाधित हो गई है, जिससे लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।


11 और 12 अगस्त के बीच स्थिति में बदलाव

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार, 11 अगस्त की शाम की तुलना में 12 अगस्त की सुबह तक बंद सड़कों और बिजली बाधित ट्रांसफार्मरों की संख्या में वृद्धि हुई है। 11 अगस्त को 204 सड़कों, 45 डीटीआर और 82 पेयजल योजनाओं पर असर पड़ा था, जबकि 12 अगस्त को ये आंकड़े क्रमशः 288, 112 और 55 हो गए।


मंडी जिला सबसे अधिक प्रभावित

मंडी जिला इस आपदा से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है, जहां 117 सड़कों का बंद होना दर्ज किया गया है। इनमें सराज की 45, थलौट की 45, पधर की 18, धर्मपुर की चार, जोगिंदरनगर की दो, सुंदरनगर की एक और मंडी-दो की एक सड़क शामिल है। इसके अलावा, जिले में 61 बिजली ट्रांसफार्मर और आठ पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं।


अन्य जिलों की स्थिति

चंबा में 74 सड़कों का बंद होना देखा गया है, जबकि कुल्लू में 56 सड़कों पर असर पड़ा है। शिमला जिले में 14 सड़कों और सिरमौर में 13 सड़कों का बंद होना रिपोर्ट किया गया है।