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हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट: 7 जिलों में खतरा बढ़ा

हिमाचल प्रदेश में मानसून ने तबाही मचाई है, जहां मौसम विभाग ने 7 जिलों में भारी बारिश के लिए यलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। लैंडस्लाइड और बाढ़ के खतरे के चलते प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। 200 से अधिक सड़कें बंद हो चुकी हैं और 1200 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। जानें इस स्थिति में क्या करें और कैसे सुरक्षित रहें।
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हिमाचल प्रदेश में मौसम की मार


नई दिल्ली।​ यदि आप हिमाचल प्रदेश के निवासी हैं या वहां यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो यह सूचना आपके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। देवभूमि हिमाचल में इस बार मानसून ने तबाही का रूप धारण कर लिया है। मौसम विभाग ने प्रदेश के 7 प्रमुख जिलों में मूसलधार बारिश के लिए यलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।


मौसम विभाग की इस नई चेतावनी के बाद राज्य प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है। आइए जानते हैं उन 7 जिलों के बारे में जहां भारी बारिश की संभावना जताई गई है:


​शिमला और सोलन
​सिरमौर और मंडी
​कांगड़ा और चंबा
​बिलासपुर


इन जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की आशंका है। पहाड़ों पर बादल फटने और अचानक बाढ़ आने का खतरा बना हुआ है।


​200 से अधिक सड़कें बंद, जनजीवन प्रभावित


बारिश के चलते पहाड़ों पर लैंडस्लाइड की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। कई स्थानों पर मलबा गिरने से सड़कें पूरी तरह से बंद हो गई हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, लैंडस्लाइड के कारण 200 से ज्यादा सड़कें और कई मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो चुके हैं, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं।


​बिजली और पानी की समस्या: कई ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण कई क्षेत्रों में अंधेरा छा गया है। इसके अलावा, सैकड़ों गांवों में पीने के पानी की पाइपलाइन टूटने से गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है।


​1200 करोड़ से अधिक का नुकसान: बारिश और भूस्खलन से सरकारी संपत्तियों, सड़कों, पुलों और लोगों के घरों को नुकसान पहुंचा है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार, अब तक 1200 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है।


​नदियों का जलस्तर बढ़ा, प्रशासन ने जारी की चेतावनी ​बारिश के कारण ब्यास, सतलुज और रावी जैसी प्रमुख नदियों के साथ-साथ स्थानीय नाले उफान पर हैं। जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों और आम जनता के लिए सलाह जारी की है। ​पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करने से बचें, क्योंकि अचानक चट्टानें गिरने का खतरा है। ​पर्यटक जहां भी हैं, सुरक्षित स्थानों पर रुकें और मौसम साफ होने का इंतजार करें।


​मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो से तीन दिनों तक बारिश से राहत मिलने की संभावना कम है। इसलिए यदि यात्रा आवश्यक न हो, तो सुरक्षित रहें और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।