हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित, 112 सड़कें बंद
हिमाचल प्रदेश में आईएमडी का रेड अलर्ट
हिमाचल प्रदेश में मानसून का कहर: हिमाचल प्रदेश में हालिया भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बारिश के कारण भूस्खलन, चट्टानें गिरने और सड़कें धंसने की घटनाएं बढ़ गई हैं। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) के अनुसार, वर्तमान में लगभग 112 सड़कें बंद हैं और लगभग 100 क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति बाधित हो गई है। मौसम विभाग ने 11 अगस्त तक कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।
मंडी, कुल्लू और शिमला सबसे अधिक प्रभावित
हिमाचल प्रदेश में बारिश का सबसे अधिक असर मंडी, कुल्लू, शिमला, कांगड़ा, चंबा, सिरमौर और किन्नौर जिलों में देखा जा रहा है। मंडी जिले में कई संपर्क मार्ग भूस्खलन के कारण बंद हो गए हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। कुल्लू और मनाली क्षेत्र में भी कई सड़कों पर मलबा जमा होने से यातायात बाधित है। शिमला जिले में चट्टानें गिरने और सड़क धंसने की घटनाओं के कारण वाहन चालकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
बंद सड़कों की जानकारी
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, बंद सड़कों में मंडी-कुल्लू नेशनल हाईवे और अन्य कई प्रमुख मार्ग शामिल हैं। मंडी जिले में सबसे अधिक सड़कें प्रभावित हुई हैं। इसके अलावा, कुल्लू, कांगड़ा, शिमला, सिरमौर, चंबा और किन्नौर में भी कई प्रमुख मार्गों पर यातायात पूरी तरह से बंद है। लोक निर्माण विभाग की टीमें मलबा हटाने और सड़कें बहाल करने का कार्य कर रही हैं, लेकिन लगातार बारिश राहत कार्यों में बाधा डाल रही है।
बिजली आपूर्ति में बाधा
भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर बिजली के खंभे, ट्रांसफार्मर और विद्युत लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। अधिकारियों के अनुसार, लगभग 100 स्थानों पर बिजली की आपूर्ति ठप हो गई है, जिससे हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई ग्रामीण इलाकों में बिजली के साथ-साथ पानी की सप्लाई भी बाधित हो गई है।
11 अगस्त तक रेड अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में मानसून सक्रिय है। विभाग ने 11 अगस्त तक राज्य के कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है। विशेष रूप से मंडी, कुल्लू, कांगड़ा, शिमला, सिरमौर, चंबा और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, अचानक बाढ़ और चट्टानें गिरने का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें।
