हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से बाढ़ का खतरा, 109 सड़कें बंद
हिमाचल प्रदेश मौसम अपडेट
हिमाचल प्रदेश में मानसून ने फिर से लोगों के लिए समस्याएँ खड़ी कर दी हैं। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार बारिश हो रही है, जिससे भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग ने 17 अगस्त को मंडी, बिलासपुर, ऊना, कांगड़ा, सिरमौर, शिमला और सोलन में भारी बारिश और बाढ़ की चेतावनी दी है। इस बारिश के कारण 109 सड़कें बंद हो गई हैं और 216 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। अब तक मानसून के कारण राज्य को 937.15 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।
फ्लैश फ्लड का खतरा
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, 17 अगस्त को राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है। मंडी, बिलासपुर, ऊना, कांगड़ा, सिरमौर, शिमला और सोलन में कुछ स्थानों पर अचानक बाढ़ आ सकती है। बारिश के साथ पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है, इसलिए नदी-नालों के पास रहने वाले लोगों और पहाड़ी रास्तों से यात्रा करने वालों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
भूस्खलन से सड़कें बंद
बारिश और भूस्खलन के कारण हिमाचल प्रदेश में 109 सड़कें बंद हैं। इनमें सबसे अधिक सड़कें मंडी में 43 और कुल्लू में 33 हैं। सड़कें बंद होने से कई क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। संबंधित विभाग इन सड़कों को खोलने के प्रयास में जुटे हैं, लेकिन बारिश जारी रहने के कारण कई स्थानों पर फिर से बंद होने का खतरा है। इसके अलावा, 216 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं, जिनमें से 209 योजनाएं मंडी जिले में हैं, जिससे पानी की आपूर्ति पर असर पड़ा है।
धर्मशाला में बारिश का रिकॉर्ड
हिमाचल के विभिन्न हिस्सों में सुबह से बारिश हो रही है। धर्मशाला में 30 मिमी बारिश हुई, जबकि पिछले 24 घंटों में धर्मशाला में 112.6 मिमी और पालमपुर में 55 मिमी बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश के कारण राज्य के कई हिस्सों में तापमान में भी बदलाव आया है। कुछ स्थानों पर तापमान 1 से 3 डिग्री तक बढ़ा है। ऊना में अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे अधिक है।
नुकसान का आकलन
हिमाचल प्रदेश में 30 जून से मानसून के आगमन के बाद से अब तक 937.15 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। इसमें लोक निर्माण विभाग को 733.95 करोड़ रुपये और जल शक्ति विभाग को 216.40 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। सड़कों, पेयजल योजनाओं और अन्य आवश्यक सेवाओं के प्रभावित होने से लोगों की दैनिक जिंदगी पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। बारिश और अचानक बाढ़ के खतरे को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
