हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन से यातायात प्रभावित, प्रशासन ने जारी की चेतावनी
भूस्खलन की घटना
शिमला। हिमाचल प्रदेश में बारिश के कारण एक बार फिर से भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। शिमला जिले के चिड़गांव क्षेत्र में जांगलिख पुल के निकट सोमवार सुबह अचानक पहाड़ी का एक हिस्सा टूटकर गिर गया, जिससे सड़क पर मलबा और बड़े पत्थर जमा हो गए। इस घटना के कारण वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई।
यातायात पर असर
स्थानीय निवासियों के अनुसार, जांगलिख पुल के पास रविवार से ही पहाड़ी से पत्थर गिरने की घटनाएं हो रही थीं। सोमवार सुबह स्थिति और भी गंभीर हो गई, जब पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा सड़क पर गिर गया। इस घटना से वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
प्रशासन की कार्रवाई
भूस्खलन के कारण सड़क का एक बड़ा हिस्सा मलबे से ढक गया है, जिससे यातायात प्रभावित हुआ है। प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन कर रही है और सड़क को सुरक्षित तरीके से खोलने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
सुंदरू खड्ड पर प्रभाव
भूस्खलन का असर केवल सड़क पर ही नहीं, बल्कि पास की सुंदरू खड्ड पर भी पड़ा है। पहाड़ी से गिरा मलबा खड्ड में पहुंच गया, जिससे पानी का बहाव बाधित हो गया। रोहड़ू के एसडीएम धर्मेश रमोत्रा ने बताया कि पानी का बहाव अब फिर से शुरू हो गया है और लोगों को सावधान रहने की सलाह दी गई है।
सुरक्षा की अपील
प्रशासन ने जांगलिख क्षेत्र के निवासियों और यात्रियों को पब्बर नदी और खड्डों के किनारे जाने से बचने की सलाह दी है। बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में पानी का बहाव अचानक तेज हो सकता है, इसलिए सभी को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
