हिमाचल प्रदेश में मानसून का कहर: 124 सड़कों का बंद होना और स्थानीय लोगों की परेशानियाँ
हिमाचल प्रदेश में मानसून का असर
प्रदेश की 17 पेयजल आपूर्ति परियोजनाएं बाधित, 255 बिजली ट्रांसफार्मर भी प्रभावित
Himachal Monsoon Update: हिमाचल प्रदेश में इस वर्ष मानसून के दौरान भारी बारिश हो रही है। लगातार बारिश, बादल फटने, बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसके परिणामस्वरूप न केवल जनहानि हुई है, बल्कि सरकारी और निजी संपत्तियों को भी करोड़ों का नुकसान हुआ है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) द्वारा 10 अगस्त को जारी रिपोर्ट के अनुसार, बारिश के कारण 124 सड़कों का बंद होना और 255 बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित होना दर्ज किया गया है। इसके अतिरिक्त, 17 पेयजल आपूर्ति योजनाएं भी बाधित हैं। एक दिन पहले की रिपोर्ट में 118 सड़कों, तीन बिजली ट्रांसफार्मर और 18 पेयजल योजनाओं के प्रभावित होने की जानकारी थी।
मंडी में सबसे अधिक नुकसान
जिला मंडी में सबसे अधिक प्रभाव देखा गया है, जहां विभिन्न उपमंडलों में कुल 51 सड़कों का बंद होना दर्ज किया गया है। इनमें सराज में 34, थलौट में 10, सुंदरनगर में एक, जोगिंद्रनगर में एक, पधर में चार और धर्मपुर में एक सड़कों का समावेश है। मंडी में बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई है, जहां कुल 245 डीटीआर (डिस्ट्रिब्यूशन ट्रांसफार्मर) बाधित हुए हैं।
कुल्लू जिला भी प्रभावित
कुल्लू जिले में 39 सड़कों का बंद होना दर्ज किया गया है। इनमें बंजार की 12, कुल्लू की 15, आनी की चार और निरमंड की आठ सड़कों का समावेश है। हालांकि, रिपोर्ट में कुल्लू में बिजली ट्रांसफार्मर या पेयजल योजनाओं के बाधित होने की संख्या नहीं दी गई है।
शिमला में पेयजल योजनाएं प्रभावित
राजधानी शिमला में 13 सड़कों का बंद होना दर्ज किया गया है। ठियोग में दो, रामपुर में आठ, चौपाल में दो और सुन्नी में एक सड़कों का समावेश है। बिजली व्यवस्था में तीन डीटीआर प्रभावित हुए हैं। इसके साथ ही, जिले में 12 पेयजल आपूर्ति योजनाएं भी बाधित हैं, जिनमें ठियोग की एक, रामपुर की नौ और चौपाल की दो योजनाएं शामिल हैं।
अन्य जिलों में भी नुकसान
चंबा में सात, कांगड़ा में पांच, किन्नौर में चार, सिरमौर में छह और ऊना में तीन सड़कों का बंद होना दर्ज किया गया है। हमीरपुर में पांच बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं, जबकि सिरमौर में तीन डीटीआर बाधित हैं।
