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हिमाचल प्रदेश में मानसून से भारी नुकसान, 1000 करोड़ का अनुमान

हिमाचल प्रदेश में इस मानसून के दौरान भारी बारिश और प्राकृतिक आपदाओं के कारण लगभग 1000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के विशेष सचिव पुष्पेंद्र राणा ने बताया कि इस दौरान करीब 15 लोगों की जान गई है। मानसून में 19 अचानक बाढ़ और 4 बादल फटने की घटनाएं भी हुई हैं। वर्तमान में 120 से अधिक सड़कें बंद हैं और कई स्थानों पर बिजली की आपूर्ति बाधित है। राणा ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे आवश्यक यात्रा से बचें और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें।
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हिमाचल में मानसून के दौरान नुकसान का आकलन

शिमला: हिमाचल प्रदेश में इस मानसून के दौरान लगातार हो रही भारी बारिश और प्राकृतिक आपदाओं के कारण लगभग 1000 करोड़ रुपये के नुकसान का प्रारंभिक आकलन किया गया है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के विशेष सचिव पुष्पेंद्र राणा ने जानकारी दी कि इस मौसम में करीब 15 लोगों की जान गई है, जिसमें कांगड़ा और पांगी घाटी में जनहानि शामिल है।


विशेष सचिव ने बताया कि मानसून के दौरान अब तक 19 अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) और 4 बादल फटने की घटनाएं दर्ज की गई हैं। इसके अलावा, 9 से 10 भूस्खलन की घटनाएं भी हुई हैं। वर्तमान में, 120 से अधिक सड़कें बंद हैं, 60 से ज्यादा पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं और कई स्थानों पर बिजली की आपूर्ति भी बाधित है।


राणा ने कहा कि राज्य में अब तक का कुल नुकसान लगभग 1000 करोड़ रुपये है। हम इस नुकसान का पूरा रिकॉर्ड रखने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि हिमाचल में प्राकृतिक आपदाओं की घटनाएं बढ़ रही हैं और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण इन पर लगातार नजर रख रहा है तथा त्वरित कार्रवाई की जा रही है।


पुष्पेंद्र राणा ने कहा कि मौसम विभाग द्वारा जारी सभी अलर्ट पर राज्य सरकार की नजर है। मौसम संबंधी चेतावनियां तुरंत जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को भेजी जा रही हैं, ताकि समय पर राहत और बचाव कार्य किए जा सकें।


उन्होंने प्रदेशवासियों और पर्यटकों से अपील की कि वे मानसून के दौरान आवश्यक यात्रा से बचें और ऐसी जगहों पर न जाएं जहां आपदा की घटनाएं हो सकती हैं। मौसम विभाग की सभी चेतावनियों का ध्यान रखें और विभाग की गाइडलाइन का पालन करें।


विशेष सचिव ने बताया कि राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और जिला प्रशासन की हेल्पलाइन सेवाएं 24 घंटे सक्रिय हैं। किसी भी आपदा की स्थिति में लोग तुरंत सहायता प्राप्त कर सकते हैं।