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हिमाचल प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में 5% की वृद्धि

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ते में 5% की वृद्धि की घोषणा की है। यह वृद्धि दीपावली से पहले लागू होगी, जिससे कर्मचारियों की आय में इजाफा होगा। इसके साथ ही, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 10,000 रुपये का अतिरिक्त एरियर भी मिलेगा। मुख्यमंत्री ने भाजपा पर भी आरोप लगाए हैं कि वे परियोजना से जुड़े मुद्दों की अनदेखी कर रहे हैं।
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महंगाई भत्ते में वृद्धि की घोषणा


महंगाई भत्ते में वृद्धि: हिमाचल प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए दीपावली से पहले एक महत्वपूर्ण राहत की खबर आई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को शिमला में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य के लगभग 2.75 लाख सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 5 प्रतिशत महंगाई भत्ते (DA) की वृद्धि की घोषणा की। इस वृद्धि के बाद महंगाई भत्ता 45 प्रतिशत से बढ़कर 50 प्रतिशत हो जाएगा। यह निर्णय कर्मचारियों और पेंशनर्स को आर्थिक राहत प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


महंगाई भत्ते में इस वृद्धि से कर्मचारियों की आय में वृद्धि होगी, जिससे उन्हें दैनिक खर्चों को पूरा करने में सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता 1 नवंबर को कर्मचारियों के वेतन के साथ दिया जाएगा, जिससे त्योहार के समय उन्हें अधिक राशि प्राप्त होगी। DA में 5 प्रतिशत की वृद्धि का लाभ पात्र कर्मचारियों और पेंशनर्स को लागू सरकारी नियमों के अनुसार मिलेगा।


महंगाई भत्ता सरकारी कर्मचारियों को बढ़ती कीमतों के प्रभाव से राहत देने के लिए दिया जाता है, और इसकी गणना मूल वेतन या लागू पेंशन नियमों के आधार पर की जाती है। नई दर लागू होने के बाद कर्मचारियों के वेतन और पेंशनर्स की पात्रता के अनुसार मिलने वाली राशि में बदलाव होगा।


मुख्यमंत्री ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए भी विशेष आर्थिक लाभ की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इन कर्मचारियों को 5 प्रतिशत महंगाई भत्ते के अतिरिक्त 10,000 रुपये का पे रिवीजन एरियर दिया जाएगा। यह अतिरिक्त राशि कर्मचारियों को त्योहार से पहले आर्थिक सहायता प्रदान करेगी।


सुखविंदर सिंह सुक्खू ने किशाऊ बांध परियोजना को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा के कुछ सांसदों को परियोजना से संबंधित मुद्दों और हिमाचल प्रदेश के हितों की जानकारी नहीं है। जब हिमाचल प्रदेश के हितों की अनदेखी हो रही थी, तब उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री के साथ बैठक में इसका विरोध किया था। सुक्खू ने दावा किया कि उन्होंने राज्य के हितों को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई, जिसके बाद हिमाचल प्रदेश की शर्तों को स्वीकार किया गया।