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हिसार में गैंगस्टर विनोद काना की हत्या: हिमांशु सोनीपत ने ली जिम्मेदारी

हिसार में गैंगस्टर विनोद काना की दिनदिहाड़े हत्या हो गई, जिसका आरोप हिमांशु सोनीपत ने लिया है। सोनीपत का दावा है कि उसने काना की हत्या विरोधी गुट के कहने पर की। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और फायरिंग के दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। काना का आपराधिक इतिहास भी रहा है, जिसमें कई मामले शामिल हैं। जानें पूरी कहानी इस लेख में।
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गैंगस्टर विनोद काना की हत्या


हरियाणा समाचार: हिसार में गुरुवार को कुख्यात गैंगस्टर विनोद पानू उर्फ काना की हत्या का आरोप लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े गैंगस्टर हिमांशु सोनीपत ने लिया है। अज्ञात हमलावरों ने हिसार अदालत परिसर में ताबड़तोड़ फायरिंग कर विनोद काना की जान ले ली। विनोद पानू हिसार का मोस्ट वांटेड अपराधी था, जिसके खिलाफ हत्या सहित लगभग 40 आपराधिक मामले दर्ज थे। सोनीपत ने एक पोस्ट में दावा किया कि उसने विनोद काना की हत्या रोहित सोनीपत उर्फ बुड्ढा, अनिल पंडित और हरमन संधु के कहने पर की।


विरोधी गुट से संबंध का दावा

सोनीपत ने पोस्ट में कहा कि पानू एक विरोधी गुट से जुड़ा हुआ था, और इसी कारण उसने उसकी हत्या की। इस पोस्ट में अन्य लोगों को भी धमकाने की बातें की गई हैं, और उन्हें भी यही अंजाम भुगतने की चेतावनी दी गई है। हालांकि, इस पोस्ट की सत्यता की पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। पुलिस इस हत्या के मामले की जांच कर रही है और ऑनलाइन किए गए दावे की भी जांच कर सकती है।


विधायक के पीए के भतीजे की हत्या

सूत्रों के अनुसार, विनोद ने विधायक सावित्री जिंदल के पीए के भतीजे की भी हत्या की थी। वारदात के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। हिसार के एएसपी मयंक मुदगिल ने बताया कि फायरिंग करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन उसकी पहचान अभी तक उजागर नहीं की गई है।


कोर्ट में फायरिंग से अफरा-तफरी

जानकारी के अनुसार, गैंगस्टर विनोद काना अपने साथियों के साथ कोर्ट में पेशी के लिए आया था। इसी दौरान बाइक पर सवार दो बदमाशों ने उस पर गोलियां चलाईं। अचानक हुई फायरिंग से कोर्ट परिसर में मौजूद वकीलों और अन्य लोगों में अफरा-तफरी मच गई।


फायरिंग के बाद हमलावर मौके से भागने लगे। बताया गया कि विनोद के साथियों ने एक आरोपी का पीछा कर उसे पकड़ लिया। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और घायलों को सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने विनोद काना को मृत घोषित कर दिया।


पुलिस ने रखा था सात लाख का इनाम

पुलिस के अनुसार, विनोद काना का दिल्ली-एनसीआर समेत कई क्षेत्रों में आपराधिक नेटवर्क था। सीआईए टीम ने उसे 2017 में झज्जर के भड़ावास इलाके से गिरफ्तार किया था। उस समय उस पर सात लाख रुपए का इनाम घोषित था। पुलिस ने उसके साथ सात अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया था, और उनके पास से रिवॉल्वर, कार्बाइन, पिस्टल, 12 बोर की बंदूकें और बड़ी संख्या में कारतूस बरामद किए गए थे। पुलिस का कहना था कि आरोपी मंजीत गैंग के प्रदीप सोलंकी की हत्या की साजिश में शामिल थे।