हूती विद्रोहियों का सऊदी अरब पर मिसाइल हमला: संघर्ष का नया चरण
यमन के विद्रोहियों का हमला
यमन के ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों ने शनिवार को सऊदी अरब के जिजान शहर पर मिसाइल हमले का दावा किया। यह हमला तब हुआ जब यमनी समूह ने सऊदी अरब की समुद्री नाकेबंदी की घोषणा की और लाल सागर में उसके जहाजों पर हमले किए। इसके जवाब में, अमेरिका के सहयोगी रियाद ने हूती के सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए।
युद्ध का नया मोर्चा
यह घटना पश्चिम एशिया में युद्ध के एक नए मोर्चे को दर्शाती है, जो फरवरी में तेहरान पर अमेरिकी-इजराइली हमलों के बाद से बढ़ता जा रहा है। इसके साथ ही, ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी भी कर रखी है, जो रियाद का एकमात्र दूसरा समुद्री मार्ग है।
तनाव में वृद्धि की संभावना
इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच लगातार हमले जारी हैं, और दोनों पक्ष पीछे हटने के लिए तैयार नहीं दिखते। लड़ाई फिर से भड़कने और कूटनीति की अनिश्चितता के कारण, दोनों पक्षों के कदमों से संकेत मिलता है कि तनाव और बढ़ सकता है।
युद्ध समाप्त करने की जल्दबाजी नहीं
इससे पहले, अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत को "अब तक की सबसे गंभीर बातचीत" बताया। उन्होंने यह भी कहा कि वे युद्ध समाप्त करने की "जल्दबाजी में नहीं" हैं।
ईरान का दृढ़ रुख
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि उनका देश अमेरिका की दादागिरी के आगे नहीं झुकेगा। उन्होंने चीन और रूस जैसी शक्तियों के साथ चल रही बातचीत का उल्लेख किया, जो अक्सर अमेरिका के साथ मतभेद रखती हैं। अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी 'तस्नीम' को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने चेतावनी दी कि इस्लामिक रिपब्लिक "न तो धमकियों से डरेगा और न ही दबाव के आगे झुकेगा।"
