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हृदय वाल्व और पेसमेकर दान के लिए जागरूकता अभियान की मांग

पूर्व सांसद अविनाश राय खन्ना ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात में हृदय वाल्व और पेसमेकर दान के लिए राष्ट्रीय जन-जागरूकता अभियान की मांग की है। उन्होंने बताया कि हर साल हजारों पेसमेकर दान किए जाते हैं, जिनका पुनः उपयोग किया जा सकता है। खन्ना का कहना है कि इस पहल से जरूरतमंद मरीजों को जीवनदान मिल सकेगा और स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सुलभ होंगी। जानें इस महत्वपूर्ण मुद्दे के बारे में और कैसे यह पहल स्वास्थ्य क्षेत्र में बदलाव ला सकती है।
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हृदय रोगियों के लिए चिकित्सा सहायता की आवश्यकता

होशियारपुर: पूर्व सांसद अविनाश राय खन्ना ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की, जिसमें उन्होंने देश में हृदय रोगियों को सस्ती और जीवनरक्षक चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए हृदय वाल्व और पेसमेकर दान को राष्ट्रीय जन-जागरूकता अभियान से जोड़ने की मांग की।


खन्ना ने कहा कि जैसे नेत्रदान और अंगदान को व्यापक जनसमर्थन मिला है, उसी तरह हृदय वाल्व और पेसमेकर दान के प्रति भी जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है। हर साल हजारों पेसमेकर मरीजों के साथ दफन या दाह संस्कार कर दिए जाते हैं, जिनमें पर्याप्त बैटरी होती है। आर्थिक रूप से कमजोर मरीज महंगे पेसमेकर का खर्च नहीं उठा पाते, जिससे वे समय पर उपचार से वंचित रह जाते हैं।


उन्होंने बताया कि भारत और अन्य देशों में वैज्ञानिक अध्ययनों ने दान किए गए पेसमेकरों के सुरक्षित पुनः उपयोग की पुष्टि की है। इसके बावजूद, देश में इसके लिए कोई स्पष्ट नियामकीय व्यवस्था नहीं है। खन्ना ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि नेत्रदान और अंगदान कार्यक्रमों के साथ हृदय वाल्व और पेसमेकर दान को भी जोड़ा जाए।


उन्होंने यह भी कहा कि यदि यह पहल लागू होती है, तो हजारों जरूरतमंद मरीजों को जीवनदान मिल सकेगा और स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सुलभ होंगी। इसके साथ ही, उपयोगी चिकित्सीय संसाधनों का संरक्षण भी सुनिश्चित होगा।