हैती में बढ़ती हिंसा से हजारों लोग बेघर, स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित
हैती में हिंसा के कारण विस्थापन
संयुक्त राष्ट्र: संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता अधिकारियों ने बताया है कि हैती के विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिद्वंद्वी समूहों के बीच बढ़ती सशस्त्र झड़पों के चलते हजारों लोग अपने घरों को छोड़ने पर मजबूर हो गए हैं।
संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (ओसीएचए) ने शुक्रवार को जानकारी दी कि अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (आईओएम) के अनुसार, पिछले सप्ताह आर्टिबोनाइट विभाग में 2,600 से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं। इनमें से अधिकांश ने मार्चांद डेसालिन्स कम्यून में शरण ली है।
ओसीएचए ने कहा, "आर्टिबोनाइट विभाग में जारी हिंसा लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है।"
आईओएम के अनुसार, हैती के वेस्ट विभाग में 13 जून से सिटे सोलेइल में फिर से शुरू हुई सशस्त्र झड़पों के कारण 5,000 से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं। इससे पहले, मार्च से मई के बीच भी कई लोग सशस्त्र हिंसा से बचने के लिए अपने घर छोड़ चुके थे।
समाचार एजेंसी के अनुसार, ओसीएचए ने बताया कि लगातार हो रही हिंसा के कारण स्वास्थ्य सेवाएं गंभीर रूप से प्रभावित हुई हैं, विशेषकर महिलाओं और लड़कियों के लिए।
हिंसा के कारण गैर-सरकारी संगठन डॉक्टर्स विदआउट बॉर्डर्स (एमएसएफ) को 19 जून को सिटे सोलेइल में अपने मातृत्व केंद्र की सेवाएं अस्थायी रूप से बंद करनी पड़ीं। इससे पोर्ट-ओ-प्रिंस के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में रहने वाली हजारों महिलाओं को मातृ एवं प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में बाधा आई है। इसके अलावा, स्वास्थ्य केंद्रों में इलाज के लिए आने वाले घायलों की संख्या भी बढ़ी है।
आईओएम के अनुसार, पिछले महीने 25,500 से अधिक लोगों को जबरन वापस भेजा गया, जिससे इस वर्ष अब तक जबरन लौटाए गए लोगों की कुल संख्या 1,17,000 से अधिक हो गई है। इनमें 24 प्रतिशत महिलाएं और लगभग 8 प्रतिशत बच्चे शामिल हैं।
ओसीएचए ने कहा कि पहुंच संबंधी गंभीर बाधाओं के बावजूद, वह अपने मानवीय सहयोगी संगठनों के साथ मिलकर जरूरतों का आकलन करने और प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाने का कार्य जारी रखे हुए है। उसने यह भी बताया कि वर्ष 2026 के लिए हैती की 88 करोड़ अमेरिकी डॉलर की मानवीय सहायता अपील को अब तक केवल 27 प्रतिशत वित्तीय सहायता प्राप्त हुई है।
