हैदराबाद में बेघरों को बिरयानी का लालच देकर स्पर्म डोनेशन का घिनौना खेल
सिकंदराबाद में चौंकाने वाला मामला
हैदराबाद : सिकंदराबाद से एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसे सुनकर कोई भी हैरान रह जाएगा। आमतौर पर स्पर्म डोनेशन के लिए पैसे का लेन-देन होता है, लेकिन यहां बेघर और मजबूर भिखारियों को 'फ्री बिरयानी' का लालच देकर उनके साथ एक घिनौना खेल खेला जा रहा था। एक निजी स्पर्म बैंक पर आरोप है कि वह भूखे गरीबों को लजीज खाने का झांसा देकर उनसे जबरन स्पर्म वसूल कर रहा था। इस संवेदनशील मामले की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और पूरे रैकेट का पर्दाफाश करने में जुट गई है।
बिरयानी का लालच और बंद बाथरूम का सच
पुलिस को कुछ समय से ऐसी गुप्त शिकायतें मिल रही थीं कि शहर के एक प्रमुख इलाके में भीख मांगने वालों को निशाना बनाया जा रहा है। प्रारंभिक जांच और पुलिस छापेमारी में जो तथ्य सामने आए, वे किसी फिल्म की कहानी से कम नहीं हैं। क्लिनिक के लोग सड़कों पर रहने वाले बेसहारा लोगों को मुफ्त में भरपेट खाना और हैदराबादी बिरयानी खिलाने का लालच देकर अपनी गाड़ी में बैठाते थे। भूखे भिखारी सोचते थे कि कोई मददगार उन्हें खाना खिला रहा है, इसलिए वे चुपचाप उनके साथ चल देते थे।
क्लिनिक के अंदर का असली खेल
जैसे ही कोई जरूरतमंद वहां पहुंचता, उसे पहले बिरयानी परोसी जाती। लेकिन जैसे ही वह खाना खा लेता, उसे बाथरूम में ले जाकर बंद कर दिया जाता था। इसके बाद क्लिनिक के कर्मचारी साफ शब्दों में धमकी देते कि दुनिया में कुछ भी मुफ्त नहीं मिलता, बिरयानी की कीमत चुकानी होगी। भूखे और लाचार लोग इस चक्रव्यूह में फंस जाते थे और अपनी आजादी के लिए मजबूरन क्लिनिक वालों की बात मानने पर मजबूर होते थे।
पुलिस की छापेमारी और दस्तावेजों की बरामदगी
जब इस घिनौने खेल की शिकायतें पुलिस के उच्च अधिकारियों तक पहुंचीं, तो उन्होंने बिना समय गंवाए स्पर्म बैंक के ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान पुलिस को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, एंट्री रजिस्टर और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स मिले हैं, जिनमें कई चौंकाने वाले रिकॉर्ड दर्ज हैं। पुलिस अधिकारी अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि यह अवैध धंधा कब से चल रहा था और इसके पीछे कौन-कौन से बड़े चेहरे शामिल हैं।
हैदराबाद में हड़कंप
इस मामले के उजागर होने के बाद से हैदराबाद में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस का कहना है कि जब्त किए गए सभी रिकॉर्ड्स की फॉरेंसिक और तकनीकी जांच की जा रही है। यदि किसी भी तरह की गैर-कानूनी गतिविधि या मेडिकल एथिक्स के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो इस रैकेट के मास्टरमाइंड और क्लिनिक संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
