हैदराबाद में हत्याकांड: महिला और उसके सहयोगियों की गिरफ्तारी
हैदराबाद में हत्याकांड की चौंकाने वाली घटना
हैदराबाद में एक चौंकाने वाले हत्याकांड ने सभी को चौंका दिया है। पुलिस ने एक महिला सहित तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि महिला ने अपने प्रेमी और उसके साथी के साथ मिलकर अपने पति की हत्या की योजना बनाई। पुलिस के अनुसार, इस वारदात को अंजाम देने के लिए एक विस्तृत योजना बनाई गई थी। यह मामला तब सामने आया जब मृतक प्रशांत की मां ने 1 जुलाई को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उसने अपने बेटे की मौत पर संदेह व्यक्त किया।
शिकायत के बाद जांच में तेजी
शिकायत में उल्लेख किया गया कि प्रशांत की मौत की सूचना 30 जून को मिली, लेकिन इससे पहले की घटनाओं की जानकारी नहीं दी गई थी। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया।
प्रेम संबंधों का खुलासा
पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान यह पता चला कि संध्या का अनिल नामक व्यक्ति के साथ प्रेम संबंध था। पुलिस का कहना है कि दोनों को लगा कि प्रशांत उनके रिश्ते में बाधा डाल रहा है, इसलिए उन्होंने उसे खत्म करने की योजना बनाई और इसमें वेंकट साई को भी शामिल किया।
छत से धक्का देने का आरोप
पुलिस के अनुसार, योजना के अनुसार 29 जून को वेंकट साई प्रशांत के घर पहुंचा। आरोप है कि उसे अधिक शराब पिलाने के बाद इमारत की छत पर ले जाकर धक्का दे दिया गया। हालांकि, गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद प्रशांत की मौत नहीं हुई और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इलाज के दौरान हत्या का आरोप
जांच में यह भी सामने आया कि प्रशांत को सरकारी अस्पताल और फिर एक निजी अस्पताल में ले जाया गया। बाद में उसे घर लाया गया, जहां संध्या ने कथित तौर पर उसे कैनुला के माध्यम से टॉयलेट क्लीनर और बेहोशी की दवा दी। पुलिस का कहना है कि उसे पलंग से नीचे धक्का दिया गया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई।
तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान तीनों आरोपियों ने अपने अपराध को स्वीकार किया है। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
सिया गोयल मामले की भी जांच जारी
इस बीच, पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में पुलिस को एक कथित स्नैपचैट संदेश मिला है, जो हत्या से कुछ सप्ताह पहले भेजा गया था। हालांकि, यह मामला हैदराबाद हत्याकांड से अलग है और दोनों मामलों की जांच अलग-अलग एजेंसियों द्वारा की जा रही है।
